इस लड़के ने बदली लाखों बुजुर्गों की जिंदगी, देसी टॉयलेट को बनाया स्मार्ट, मोदी सरकार ने दिया खिताब

बुजुर्गों की परेशानियों को समझते हुए देसी टॉयलेट को सत्यजीत मित्तल ने स्मार्ट टॉयलेट में बदल दिया है जिसका नाम SquatEase रखा गया है। सत्यजीत मित्तल ने टॉयलेट का डिजाइन बुजुर्गों को ध्यान में रखकर बनाया है क्यूंकि बुढ़ापे में हड्डियाँ कमजोर हो जाती है और घुटने मोड़कर टॉयलेट में ज्यादा देर बैठना मुश्किल हो जाता है।

 

 

बतादे की सत्यजीत मित्तल MIT, Institute of Design के स्टूडेंट रह चुके है। जिन्होंने बुढ़ापे में टॉयलेट सम्बंधी समस्या को दूर करने के लिए पहल की है। सत्यजीत मित्तल ने इंडियन टॉयलेट की डिजाइन में बदलाव कर SquatEase नामक स्मार्ट टॉयलेट बनाया है। जो बुजुर्गो को घुटने मोड़कर ज्यादा देर तक टॉयलेट में बैठने की समस्या को दूर करने का काम करता है।

 

 

 

 

साल 2016 में इस स्मार्ट टॉयलेट का डिजाइन सत्यजीत मित्तल ने तैयार किया था और सरकार से Prototyping Grant हासिल कर लिया था। इस स्मार्ट टॉयलेट के बारे में जानकारी देते हुए सत्यजीत ने बताया की इस टॉयलेट को इस तरह से डिजाइन किया गया है की इसे दृष्टिहीन व्यक्ति भी आसानी से इस्तेमाल कर सकता है।

 

 

 

सत्यजीत मित्तल ने बताया की इस टॉयलेट पर उन्होंने 2 साल में 10 लाख रुपए खर्च किये थे। अक्टूबर 2018 में इस टॉयलेट को भारतीय बाजारों में लॉन्च किया गया था। जिसकी कीमत केवल 999 रुपये रखी गयी है। इस नए अविष्कार के लिए सत्यजीत मित्तल को स्वच्छ भारत दिवस और स्वच्छ इनोवेशन ऑफ 2018 के खिताब भी दिया गया है। साल 2019 में कुंभ मेले 5000 SquatEase टॉयलेट लगाए गए थे।

 

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