धोनी की कप्तानी एक शानदार कप्तानी थी दोह्नो की कप्तानी में भारत को कई स्टार खिलाड़ी मिले और कई खिलाड़ियों का र्कियर धोनी ने खुद आपने हाथों से बनाया था लेकिन धोनी के सन्यास के बाद अब उन खिलाड़ियों की हालत खराब हो गयी है. धोनी ने धोनी ने बड़ी बारीकी से इनको तराशा था और इनको काफ़ी लम्बे समय तक टीम में बनाए रखे थे.

आज धोनी टीम के कप्तान नहीं हैं तो ऐसे में धोनी के वह दोस्त, जिनसे धोनी की दोस्ती के चर्चे दूर-दूर तक होते थे आज वह टीम से बाहर कर दिए गये हैं. लेकिन जैसे ही धोनी ने कप्तानी छोड़ी वैसे ही इन खिलाडियों को टीम में जगह मिलनी मुश्किल हो गयी. आज टीम में जगह बनाने के लिए काफ़ी मेहनत के बाद भी सफल नहीं हो पा रहे हैं

यूसुफ़ पठान

आज यह खिलाड़ी तो शायद टीम इंडिया में आने का कोई सपना भी नहीं देख रहा होगा. पठान के लिए शायद अब सभी रास्ते बंद हो गये हैं पठान का करियर बनाने की सही कोशिश अगर किसी कप्तान ने की थी तो वह धोनी ही थे. धोनी ने कई बार यूसुफ़ को ओपनिंग पर भेजा और ट्वेंटी-20 के पहले विश्वकप तक लेकर गये. पठान ने 57 वनडे मैच खेले और यहाँ इनके नाम 810 रन ही हैं. . कप्तान धोनी

युवराज सिंह

टी-20 के पहले टूर्नामेंट से लेकर साल 2011 के विश्वकप तक धोनी ने युवराज का कई बार साथ दिया. आउट और फ़ॉर्म युवराज को भी धोनी टीम में जगह दिया करते थे. बाद में धोनी पर आरोप लगे कि उन्होंने युवराज को सोच-समझकर टीम से आउट किया है. लेकिन युवराज सिंह ने वैसे ख़ुद तो कभी यह आरोप नहीं लगाया.

सुरेश रैना

सुरेश रैना और धोनी की दोस्ती के चर्चे तो कभी भारत से बाहर भी ख़ूब गाए जाते थे. दोनों ने सन्यास भी एक साथ लिया था लेकिन आज जब धोनी कप्तान नहीं हैं तो रैना टीम में जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. धोनी अगर वाक़ई कप्तान ना होते तब शायद वह सुरेश रैना की इतनी मदद नहीं कर पाते. रैना ने 223 वनडे मैच खेले और यहाँ इनके नाम 5568 रन रहे.

Journalist from Gurugram. At @News Desk she report, write, view and review hyperlocal buzz of Delhi NCR. Can be reached at [email protected] with Subject line starting Meenakshi

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