जान बचाने के लिए 7 दिन में खर्च कर दिए 17 लाख फिर भी नहीं बचे, डेढ़ साल के संक्रमित बेटे ने दी मुखाग्नि

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से एक दुखद खबर सामने आ रही है यहाँ एक दम्पति ने कोरोना संक्रमित होने के बाद अपने इलाज पर लाखों रुपये खर्च कर दिए लेकिन फिर उनकी जान न बच सकी, आखिर डेढ़ साल के संक्रमित मासूम ने अपने माता पिता को श्मशान घाट पर मुखाग्नि दी।

माँ बाप के साथ बेटा भी हुआ संक्रमित :

माँ बाप के साथ 1.5 साल का बेटा भी सक्रमित हो गया, अपनी जान बचाने के लिए दोनों ने अस्पताल वालों को खूब पैसे दिए लेकिन बच नही पाए. 1.5 साल के बेटे ने अपने माँ बाप को श्मशान घाट पर मुखाग्नि दी।

रिपोर्ट के मुताबिक  गोरखपुर के पादरी बाजार निवासी 37 वर्षीय अजय जायसवाल और उनकी पत्नी अंशिका 35 वर्ष कुछ दिन पहले कोरोना संक्रमित हुए थे। बाद में रिपोर्ट में सामने आया की उनकी बेटी और बेटा भी कोरोना पॉजिटिव हैं  दंपति को 70 प्रतिशत संक्रमण फैल चुका था, जिसकी वजह से उन्हें राजेंद्र नगर के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में एडमिट किया गया। वहां स्थिति बिगड़ने लगी तो डॉक्टर्स ने रेफर कर दिया।

7 दिन में खर्च कर दिए १७ लाख 

जन बचाने के लिए दम्पति ने अमेरिका के एक बड़े अस्पताल में भी संपर्क किया। 7 दिन में 17 लाख रुपये खर्च हो गए लेकिन दंपति को नही बचाया जा सका। आखिरकार शुक्रवार को अंशिका और अजय कोरोना से जंग हार गए।

इसके बाद डेढ़ वर्षीय कोरोना संक्रमित बेटे आंनद ने माता पिता के चिता को मुखाग्नि दी। दुधमुंहे बच्चे को मुखाग्नि देते देख घाट पर मौजूद लोगों के आंखों से आंसू छलक गए।

Input : Upvarta

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