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दिव्यांगो की ब्रांड एम्बेसडर अनीता की गुहार, मेरे मेडल खरीद लो लेकिन दो वक्त का खाना दे दो….

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खिलाडी विदेशो में देश का नाम रोशन करने के लिए दिन रात मेहनत करते हैं और मेहनत के अनुरूप परिणाम भी आते हैं जिससे उनका मान सम्मान भी होता है लेकिन इतनी मेहनत करने के बाबजूद भी अगर इन खिलाड़ियों को सरकार का साथ ना मिले तो बहुत दुःख की बात है.

ऐसा ही कुछ हुआ दिव्यांगो की ब्रांड एम्बेसडर अनीता के साथ, अनीता ने दो वक्त का खाना पाने के लिए अपने मेडल तक बेचने की गुहार लगा दी, अनीता कहती है  ब्रांड एंबेस्डर बनने से पेट नहीं भरता साहब दो वक्त की रोटी के लिए काम चाहिए मैं ऐसी B.Ed M.Ed करने के बाद भी मजदूरी करने के लिए मजबूर हूँ,

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यह कहना है व्हीलचेयर क्रिकेट बास्केटबॉल खिलाड़ी छत्तीसगढ़ की कप्तान अनीता बघेल का अनीता वह मेडल मिले प्रमाण पत्र मिले हैं लेकिन दो वक्त का खाना नहीं मिल पा रहा है वे कहते हैं चाहे मेरे मैडल खरीद लो मगर मुझे तो सो जाते हो तो मेरा पेट पालने के लिए 34 कलेक्टर उसके अलावा सीएम से भी मिल चुकी है लेकिन उसे केवल आश्वासन ही मिला है पढ़ाई लिखाई के आदेश के बाद भी मजदूरी करने के मजबूर हैं.

5000 रूपये में चलाती हैं घर का खर्च :

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अनीता व्र्धसर्म में मजदूरी करके 5000 रूपये महीने का कमाती हैं और उसी से घर का खर्चा चलाती हैं, वही जिला अधिकारी का कहना है की अगर कोई भी नौकरी का फॉर्म आएगा तो उसको सरकार के पास भेज दिया जायेगा

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