देश सेवा करने का जज्बा हर किसी को होता है ऐसा ही जज्बा था निमित आर्य के दिल में उन्होंने जी तोड़ मेहनत करके अफसर के पद पर नौकरी पा ली, लेकिन किस्मत में कुछ और ही लिखा था.सेना का हिस्सा तो बन गए, लेकिन एक ट्रेनिंग के दौरान वो शहीद हो गए जहाँ एक तरफ पूरा परिवार  शौक में डूबा हुआ था वही छोटे भाई आस्तिक के मन में कुछ और ही चल रहा था। वो भाई के सपने को पूरा करना चाहते थे.

आस्तिक ने मन ही मन ठान लिया था की वो सेना में शामिल होकर अपने बड़े भाई के इस सपने को पूरा करेंगे.सके लिए आस्तिक ने खूब मेहनत की और शनिवार को भारतीय सैन्य अकादमी में हुई पासिंग आउट परेड में अंतिम पग पार कर बतौर अफसर सेना का हिस्सा बन गए।

सेना में शामिल होने के बाद आज से आस्तिक लेफ्टिनेंट आस्तिक आर्या के रूप में पहचाने जाएंगे। आस्तिक  के मन में देश सेवा का जबाब देखकर उनको ट्रेन करने वाले भी हैरान रह गए थे.

हरियाणा के यमुनानगर के रहने वाले आस्तिक आर्य के बड़े भाई निमित आर्या भी सेना में शामिल हुए थे लेकिन ट्रेनिग के दौरान ही वो शहीद हो गये थे जिसके बाद परिवार को बड़ा झटका मिला था, आस्तिक सदमे में थे, लेकिन उन्होंने खुद को संभालते हुए अपने भाई की सीख को याद रखा और उनके बताये रास्ते पर चलते हुए अकादमी तक पहुंचे। शनिवार को हुई पीपिंग व ओथ सेरेमनी के बाद सेना में शामिल हो गये थे.

Journalist from Gurugram. At @News Desk she report, write, view and review hyperlocal buzz of Delhi NCR. Can be reached at [email protected] with Subject line starting Meenakshi

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