आज के समय में ऐसे ऐसे रोग चल रहे है जिसके वजह से खून के रिश्ते भी दूर होते जा रहे हैं, ऐसे समय में अंतिम वक्त में अपने ही खून के रिश्ते चार कंधे देने से भी दूर भाग रहे हैं। ऐसा ही एक मामला यूपी में देखने को मिला है, जहाँ पिता की अर्थी को बेटों नही बेटियों ने कंधा दिया .

ये था मामला 

ये मामला यूपी के झाँसी के नवाबाद थाना क्षेत्र के डडियापुरा गल्ला मंडी का है, यहाँ के निवासी  गौरेलाल साहू की शुक्रवार को मौत हो गई थी। यहाँ गोरेलाल साहू की अर्थी को उसकी चार बेटियों ने कंधा दिया एवं श्मशान में विधि-विधान के साथ मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार की रस्म भी निभाई, जबकि बहनों ने अपने भाई को पास तक नही फटकने दिया

गौर करने वाली बात ये रही कि बहनों ने अपने भाई को अपने पिता के अंतिम संस्कार से दूर ही रखा उसे नजदीक भी नहीं आने दिया।

पता करने पर सामने आई सच्चाई 

शहर में डडियापुरा गल्ला मंडी रोड निवासी गोरे लाल साहू की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। अपने पिता की मौत की खबर मिलते ही उसकी चारों बेटियां (शोभा, संगीता, लेखनी और स्वाति) मायके पहुंचीं और पिता के अंतिम संस्कार की पूरी जिम्मेदारी उठाई। जब बहनों ने ही अंतिम संस्कार किया तो लोग दंग रह गए क्योंकि गौरेलाल का पुत्र होते हुए लड़कियों ने अंतिम संस्कार की रस्में निभाई।

जब लोगो ने पूछा की बेटे ने अंतिम संस्कार क्यों नही किया तो संगीता साहू ने बताया कि उनका भाई पिता को प्रताड़ित करता था, इसलिए हमने उनको अपने पिता का अंतिम संस्कार नही करने दिया.

बेटियाँ करती थी देखभाल :

संगीता ने बताया की हमारा भाई पाप को सही से नही रखता था,  चारों बहनें ही पिता की देखभाल और सेवा किया करती थीं। जब पिता की मौत हुई तो सभी बहनों ने तय किया कि भाई को शव को हाथ भी नहीं लगाने देंगे।

 

Journalist from Gurugram. At @News Desk she report, write, view and review hyperlocal buzz of Delhi NCR. Can be reached at [email protected] with Subject line starting Meenakshi

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