उत्तराखंड में एक बेहद ही अनोखा मामला सामने आया है। यह जानकर आपको हंसी आएगी और आप दूसरे पक्ष के बारे में सोचकर दुखी हो जाएंगे। दरअसल एक भिखारी कुछ ही मिनटों में करोड़पति बन गया। अब आप सोच रहे होंगे कि भिखारी ने लॉटरी ली होगी या कहीं से चुराई होगी।

लेकिन अब जो सच हम आपको बताने जा रहे हैं उसे पढ़कर आपके दिमाग में एक ही ख्याल आएगा की भगवान सबका न्याय करते हैं। दरअसल, पिता की गैरमौजूदगी में बेटे ने भिखारी को गद्दा दे दिया.

इसके बाद जब पिता घर लौटे तो पता चला कि भिखारी ने गद्दा ले लिया है, तो उन्होंने घर के सभी लोगों को बताया कि उन्होंने गद्दे  में रूपये छिपाए थे, उसमें कितनी रकम रखी थी. इस रकम की खबर सुनकर पूरा परिवार सदमे में है। बताया जा रहा है की कि तकिए में पिता ने 55 लाख रुपये रख दिए थे। जिसे उनके बेटे ने भिखारी को दे दिया।

जब पिता घर आया तो सभी को पैसे का पता चल गया और अब तीन दिन से बाप-बेटा तकिए लेकर भिखारी की तलाश में शहर में घूम रहे हैं. क्या है पूरा मामला, आइए जानते हैं.

55 लाख तकिए में रखे थे

यह कुछ दिन पहले की बात है। शिवलिक नगर का एक युवक कब्रिस्तान के पास दरिंद्र भंजन पहुंचा। युवक ने मंदिर के बाहर बैठे एक भिखारी को गद्दा दान किया। उसने भिखारी के मना करने पर भी गद्दा दे दिया। अंत में भिखारी ने गद्दा लिया और चला गया।

शाम को युवक के पिता घर आए तो देखा कि गद्दा कहीं नहीं मिला। परेशान होने के बाद उसने गद्दे की तलाश शुरू कर दी। पिता ने बेटे से पूछा तो कहा गद्दा खराब है तो उसने गद्दार को गद्दा दे दिया। यह सुनकर पिता चौंक गए और कहा कि उन्होंने इसमें 55 लाख रुपये रखे हैं।

भिखारी ने गद्दा दूसरे भिखारी को दे दिया

यह सुनकर पिता पुत्र मंदिर की ओर दौड़ पड़े। जब उन दोनों को पता चला कि भिखारी वहीं बैठा है। लेकिन उसे नहीं पता था कि उसकी परेशानी बढ़ गई है। भिखारी से गद्दे के बारे में पूछने पर पता चला कि गद्दा उसने दूसरे भिखारी को दे दिया है। इसे कहते हैं किस्मत का खेल। जिसके पास किस्मत थी, वह उसके पास पहुंच गया।

बाप-बेटे ने एक भिखारी की तलाश में पूरे शहर में तलाशी ली, लेकिन वह भिखारी अब तक नहीं मिला। उसकी तलाश पिछले तीन दिनों से चल रही है। पूरे क्षेत्र में इस मामले की चर्चा हो रही है। हालांकि अभी तक पुलिस में रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है।

Journalist from Gurugram. At @News Desk she report, write, view and review hyperlocal buzz of Delhi NCR. Can be reached at [email protected] with Subject line starting Meenakshi

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