बचपन एक ऐसा शब्द है जो दिमाग में आते ही हमे अलग दुनिया में ले जाता है उस दुनिया में जो अब कभी वापस नही आने वाली. उस दुनिया में जहाँ किसी चीज का गम नही था. वो दुनिया इस दुनिया से अलग थी लेकिन समय में साथ सब सब बदल गया. हम बड़े हो गये और हमारा बचपन हमसे दूर हो गया.

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बचपन में स्कूल की छुट्टियाँ आते ही हम खेल में लग जाते थे पूरा दिन खेलने में ही बिता देते थे ना पैस की चिंता होती थी और ना घर वापस जाने का डर. बस पुरे दिन खेलना ही खेलना दोस्तों के साथ अक्कड़-बक्कड़ बम्बे बोल, छुपन-छुपाई, कबड्डी-कबड्डी, चोर-सिपाही, लब्बा डंगरिया, गिल्ली-डंडा जैसे तमाम खेल मौका मिलते ही खेलना शुरू कर देते थे। लेकिन आज ये खेल गुजरने जमाने के लगते हैं.

जो खेल कभी हम पुरे दिन खेलते थे आज उनको फोटोज में देखकर चेहरे पर अलग तरह की भीनी भीनी मुस्कान आ जाती है और आँखों में वो खेल तैरने लगता है अब इन खेलों को हम फेसबुक में पढ़कर या तस्वीरों में देखकर मुस्कुरा लेते हैं।

1.  कंचे खेलना 

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2. गेंद बल्ला , बल्ले के नीचे नंबर लिखकर खिलाड़ियों को चुनना 

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3. मेले से रिमोट लाना, और फिर गर्मी में पूरी रात भर खेलना 

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4. गर्मियों की छुट्टी में चरखी बनाकर उसको चलाना 

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5. स्कूल बुक पर जिल्द लगाकर स्टीकर लगाना 

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6. गिट्टियों में गेंद मारकर भागना 

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7. गुलेल से खेलना : मुमी डाट लगाती थीं.

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8. बारिश के मौसम में कागज की नाँव बनाकर चलाना एक अलग ही मजा था 

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तो ये थे कुछ खेल जो हम बचपन में खेलते थे और पूरा दिन निकाल देते थे, आपको इनमे से कौनसा खेल सबसे ज्यादा पंसद है और आपके यहाँ इन खेलों को किस नाम से जाना जाता है कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं

Image Source: Google

Journalist from Gurugram. At @News Desk she report, write, view and review hyperlocal buzz of Delhi NCR. Can be reached at [email protected] with Subject line starting Meenakshi

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