शनिवार के दिन शनिदेव की पूजा होती है, जिसपर शनिदेव की की शुभ दृष्टि होती है तो वो रंक को राजा बना सकती है। वहीं, अगर किसी पर शनि महाराज की बुरी दृष्टि होती है तो राजा को रंक बना देती है, शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए शनिवर के दिन शनिदेव महाराज की पूजा करनी चाहिए.

शनिदेव के भक्तों को अपने उपर से शनिदेव की ढैय्या और साढ़ेसाती का प्रभाव कम करने के लिए शनि के विभिन्न मंत्रो का जाप करना चाहिए, इन मन्त्रो के जाप करने से सभी मनोकामना पूर्ण होती हैं एवं घर के सभी दुःख दर्द दूर हो जाते हैं.

श्री शनि वैदिक मंत्र:

ॐ शन्नो देवी रभिष्टय आपो भवन्तु पीपतये शनयो रविस्र वन्तुनः।

इस मन्त्र का जाप करने से शनि की साढ़ेसाती का बुरा असर खत्म हो जाता है, इस मंत्र का जाप 23000 हजार बार किया जाए तो इससे साढे़साती का प्रभाव कम हो जाता है।

श्री शनि बीज मंत्र:

ॐ शं शनैश्चरायै नम:

ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम:

शनिवार के दिन स्‍नान के बाद काले वस्‍त्र धारण करें। शनिदेव की मूर्ति के साने जाकर इस मंत्र का जाप करें।

शनि गायत्री मंत्र:

ऊं कृष्णांगाय विद्महे रविपुत्राय धीमहि तन्न: सौरि: प्रचोदयात

शनिवार के दिन पीपल के पेड़ के नीचें को सरसों के तेल का दीपक जलाएं। यही आप शमी के पेड़ के नीचे भी करें। इसने शनिदशा का प्रभाव कम हो जाता है।

शनिदेव हमेशा अच्छे लोगों का साथ देते हैं इसलिए हमेशा अच्छे कर्म करें आपको शनिदेव कभी परेशान नही करंगे, अगर आप भी शनिदेव के भक्त है और चाहते है आपकी भी मनोकामना पूर्ण हो तो सच्चे मन से जय शनिदेव अवश्य लि खे

Journalist from Gurugram. At @News Desk she report, write, view and review hyperlocal buzz of Delhi NCR. Can be reached at [email protected] with Subject line starting Meenakshi

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