सिर्फ 400 साल में एक बार चली यह तोप, 35 किमी दूर जा गिरा गोला, बना दिया तालाब

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प्राचीन काल से ही दूसरे देश पर कब्ज़ा करने के लिए लड़ाईयां होती चली आ रही है। उस समय तलवार के साथ-साथ अपने दुश्मनो को भगाने के लिए तोप से गोले दागे जाते थे। तोप को उस सदी का सबसे घातक हथियार माना जाता था क्यूंकि कही गए ही कई किलोमीटर तक लड़ाई की जाती थी। आज हम आपको एक ऐसी ही तोप के बार में बताने जा रहे है जो केवल एक बार चली और तालाब बना दिया।

आज हम जयबाण तोप के बारे में बताने जा रहे है। जो जयपुर के किले में रखी है। आपको बतादे की इस तोप को दुनिया की सबसे बड़ी तोप का खिताब भी मिला हुआ है। इस तोप की खास बात ये है की इसके एक गोले ने बड़ा तालाब बना दिया था। जरा सोचिये कितनी विशाल तोप है।

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जानकारी के अनुसार, इस तोप को 1720 ईस्वी में जयगण किले में सबसे ऊपर अपनी प्रजा की सुरक्षा की खातिर रखी गयी थी। जिसको राजा जय सिंह ने बनवाया था। इस तोप का वजन लगभग 50 टन है यही वजह रही की इसे कभी किले से बाहर नहीं ले जाया गया।

इस विशाल तोप को बनाने के लिए जयगढ़ में ही कारखाने लगाए गए थे। जब इस तोप का परीक्षण किया गया तो वहाँ मौजूद लोगो के कान से खून आ गए थे और गोला 35 किलोमीटर दूर चाकसू नामक कस्बे में जाकर गिरा था जहाँ तालाब बन गया था। उसके बाद कभी भी इस तोप को नहीं चलाया गया। इस तोप की दशहरे के दिन पूजा की जाती है।

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