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रतन टाटा भी नहीं पा सके अपना प्यार, खुद बयां की अपनी अधूरी लव स्टोरी, सुनकर आँखों में आ जायंगे

कहा जाता है अगर पैसा हो तो सब कुछ खरीदा जा सकता है लेकिन किसी ने ये भी कहा था की पैसे से प्यार नही खरीदा जा सकता. ऐसा ही हुआ था रतन टाटा जी के साथ.दुनिया में सबसे अमीर लोगो की में गिने जाने वाले रतन टाटा की प्रेम कहानी भी अधूरी रह गयी थी. उन्होंने खुद अपनी लव स्टोरी का बयान की थी.

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रतन टाटा ने फेसबुक पेज ‘ह्यूमंस ऑफ बॉम्‍बे’ पर अपनी प्रेम कहानी का दुनिया के सामने खुलासा किया है। उन्‍होंने अपनी पढ़ाई, कॉलेज डेज, माता-पिता के अलग होने और अपने स्‍ट्रगल के दिनों कोबेहद ही इमोशनल अंदाज में बताया था

 आइए जानते हैं रतन टाटा की जुबानी, उनके प्‍यार की अधूरी कहानी।

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रतन टाटा ने बताया उनका बचपन काफी खुशहाल था, वे बेहद खुश थे और मस्‍ती करते थे, लेकिन माता-पिता के तलाक की वजह से उनकी जिंदगी में थोड़ी निराशा आ गई। इसी वजह से उनके भाई को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ा था।

रतन टाटा ने इस पोस्‍ट में अपनी दादी को याद करते हुए बताया कि किस तरह उन्‍होंने यह अहसास दिलाया कि वैल्‍यूज यानी मूल्‍य क्‍या होते हैं।उन्‍होंने कहा, ‘मुझे आज भी याद है कि किस तरह दूसरे विश्‍वयुद्ध के बाद वह मुझे और मेरे भाई को गर्मियों की छुट्टियों के लिए लंदन लेकर चली गईं थीं। वास्‍तव में वहीं से उन्‍होंने मेरे भीतर मूल्‍य के बीत बोए। दादी ही हमें बताती थीं कि यह नहीं करना चाहिए, वैसा नहीं करना चाहिए। किस बारे में रिएक्‍ट करना है, किस बारे में शांम रहो आदि। उन्‍होंने कहा- मुझे लगता है यही वो दिन थे, जब हमें समझ आ गया या हमारे दिमाग में यह बात डाल दी गई कि प्रतिष्‍ठा सबसे ऊपर की चीज है।

लॉस एंजेलिस के दिनों को याद करते हुए टाटा भावुक हो जाते हैं, वे कहते हैं। वे बेहद अच्‍छे दिन थे। काफी अच्‍छा समय था, मौसम बहुत खूबसूरत था, मेरे पास अपनी गाड़ी थी और मुझे अपनी नौकरी से प्‍यार था।

जवानी के उन्‍हीं दिनों में टाटा प्‍यार में पड़ गए। जिससे टाटा प्‍यार करते थे वो लडकी लॉस एंजेलिस की थी। कुछ दिन गुजारने के बाद वे उसी लडकी से शादी करने वाले थे। लेकिन दादी की तबियत अचानक खराब हो जाने के कारण उन्‍हें भारत वापस आना पड़ा।

तब टाटा ने सोचा था कि वे घर जाकर बात करेंगे और जिस लड़की से वे मुहब्‍बत करते हैं, उसे भी अपने देश, अपने घर ले आएंगे, लेकिन किस्‍मत को यह मंजूर नहीं था शायद।उन्‍होंने बताया कि उन दिनों 1962 का साल था और भारत और चीन के बीच लड़ाई चल रही थी।इसी युध्‍द के चलते उनके माता पिता नहीं चाहते थे कि वो लड़की भारत आए। बस सिर्फ इसी वजह से रतन टाटा का प्‍यार अधूरा रह गया, हमेशा के लिए।

सभार : फेसबुक

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