बिना हाथ के पैदा हुआ था तुषार, फिर भी नही मानी हार, पैसे से पेपर देकर 12 वीं में ले आया 70% अंक

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कहते है इन्सान का जज्ब कुछ भी करा सकता है और अगर मन लगाकर महत कर ली जाये तो इन्सान कोई भी मुकाम हसली कर सकता है चाहे उसके आगे कितनी परेशानियाँ क्यों ना खड़ी हो, ये लाइन एक दम ठीक बैठती है लखनऊ के रहने वाले तुषार के लिए.

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तुषार नॉन फ़कश्नल हैंड्स के साथ पैदा हुआ तो परिजनों को लगा की तुषार कैसे पढ़ेगा और क्या काम करेगा लेकिन तुषार ने अपने हैसले से सबको चौका दिया, और तुषार की दिव्यांगता उसके रास्ते में रोड़ा नहीं बन पाई.

रिपोर्ट के मुताबिक तुषार  Creative Convent College में पढ़ते हैं और तुषार विश्वकर्मा ने तो परीक्षा में टीचर की मदद ली और न ही राइटर मांगा. नीले और काले कलम से ख़ुद लिखा और 70 प्रतिशत अंक प्राप्त किए. उन्होंने ये पेपर हाथ से नही बल्कि पैसे से लिखकर दिए.

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तुषार का कहना है की वो बड़े होकर इंजीनियर बनना चाहते है, वो खाते है जब में कक्षा एक में था मैंने तब से ही पैर से लिखना शुरू कर दिया था और आज मैं किसी परेशानी के बिना बड़े आराम से लिख लेता हूँ तुषार ने कहा मैंने जमीन पर बैठकर पेपर दिए और 70% प्रतिशत मार्क्स लाए

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admin
Journalist from Gurugram. At @News Desk she report, write, view and review hyperlocal buzz of Delhi NCR. Can be reached at hello@newsdesk-24.com with Subject line starting Meenakshi