उत्तराखंड के हल्द्वानी के जवाहरनगर मलिन बस्ती के सामने गौला नदी में सोमवार की सुबह एक डंपर ने सात साल के मासूम को रौंद दिया। बच्चे की मौत से गुस्साए लोगों ने जमकर बवाल किया। उन्होंने डंपर पर पथराव किया और इसमें आग लगाने की कोशिश भी की।


पत्थरों से बचने के लिए पुलिसकर्मियों को भी दुबकना पड़ा। इस दौरान लोगों ने डंपर चालक को पकड़कर जमकर पीटा भी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद चालक को गिरफ्तार कर लिया है।

बाराबंकी (यूपी) के दरियाबाद का मूल निवासी प्रमोद उर्फ किरन जवाहर नगर में परिवार के साथ रहता है। उसका सात साल का बेटा मिथुन उर्फ नितिनजय सोमवार की सुबह करीब दस बजे गौला नदी में गिल्ली-डंडा खेल रहा था।

गिल्ली छिटककर दूर गई तो मिथुन उसे लेने के लिए दौड़ पड़ा। इसी बीच, गौला नदी से उपखनिज लेकर आ रहे डंपर ने उसे रौंद दिया। साथी बच्चों के शोर मचाने पर बस्ती के लोग दौड़ते हुए मौके पर पहुंचे। मिथुन का क्षत-विक्षत शव टायर के नीचे पड़ा था।
चालक डंपर को छोड़कर भाग गया
हादसे के बाद डंपर चालक कुंवर पाल निवासी मबई जरैल शीशगढ़ (बरेली) डंपर को छोड़कर भाग गया। घटना के समय मिथुन का पिता कूड़ा बीनने और मां पूजा किसी के घर मजदूरी करने गई थी।

बस्ती के लोगों ने चालक को एक किमी दौड़ाकर स्टेडियम के पास पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई की। बाद में कोतवाली पुलिस ने चालक को पकड़ लिया। लोगों का कहना था कि चालक नशे में था। इस बीच लोगों ने पथराव कर डंपर के शीशे तोड़ दिए। कुछ लोग आग लगाने भी जा रहे थे लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया।

पुलिस ने चालक को डंपर लेकर थाने चलने के लिए कहा तो लोगों ने घेराव कर दिया। करीब एक घंटे तक हंगामा चलता रहा। पुलिस के समझाने पर ही लोग माने और चालक को भीड़ से निकाला। इस बीच भीड़ ने एक बार फिर डंपर पर पथराव शुरू कर दिया।

इससे से बचने के लिए पुलिस को छिपना पड़ा। चालक भी वन विभाग की चौकी के पास डंपर छोड़कर पुलिस चौकी में छिप गया। इसके बाद कोतवाली और बनभूलपुरा थाने से फोर्स बुला ली गई। पुलिस दूसरे चालक की मदद से डंपर को भोटिया पड़ाव पुलिस चौकी ले गई। बस्ती के लोगों का आरोप था कि रेता, बजरी की चोरी करने के लिए यहां बुग्गी और डंपर चल रहे हैं। कोई अधिकारी जांच नहीं करता है।

 

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