कहते है की विश्वास एक बहुत बड़ी चीज है! बिजनेस में तो इसका महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है। यदि कोई कम्पनी किसी भी प्रोडक्ट का बिजनेस करती है मतलब उसका प्रोडक्शन करके मार्किट में बेचती है तब कम्पनी को कस्टुमर के अंदर विश्वास कायम करना होता है। यदि किसी कस्टुमर के अंदर किसी प्रोडक्ट और उसकी कम्पनी को लेकर विश्वास कायम हो जाता है तो फिर वो कम्पनी दिन दो गुनी और रात चौगनी तरक्की करने लगती है।

यदि हम बात जूतों की करे, तो इस समय भारतीय बाजार में जूतों के बहुत से ब्रांड मौजूद है। इनमे से एक वुडलैंड बहुत फेमस है। जोकि अपनी मजबूती के लिए जाने जाते है। यदि आप एक बार इस ब्रांड के जूते खरीदते है तो ये सालो साल चलते। भले ही आपको इनके पहनने का शोक ख़त्म हो जाता है लेकिन ये जूते सही सलामत रहते है। इसी के चलते हम आपको इन जूतों की मार्किट में आने की अनोखी कहानी बताने वाले है।

बता दे की इन जूतों की कहानी साल 1992 से शुरू होती है जब सोवियत रूस का विखंड हुआ था। दरअसल, इस समय भारत रूस के लिए एक अलग प्रकार के जूते बनाता था। जोकि लेदर से बने होते थे और बहुत मजबूत और टिकाऊ होते थे। तब रूस के विखंड हो जाने से इन जूतों का ऑर्डर्स कैंसिल कर दिया गया था। ऐसे में कैजुअल शूज और इंडस्ट्रियल बूट्स का बड़ा स्टॉक बच जाता है। और उस समय ऐरो क्लब के चेयरमैन अवतार सिंह के लिए ये एक बड़ा सर दर्द बन जाता था।

फिर इन्होने ऐसे फैलसे लिए जिससे कम्पनी ने ना केवल बड़ा प्रॉफिट कमाया बल्कि वुडलैंड नाम के जूते की एक ब्रांड को मार्किट में स्थापित कर दिया। इस समय तक भारत में जूते को बाटा और करोना नाम के ब्रांड थे। लेकिन वुडलैंड के आने के बाद कहानी सारी बदल गई थी। जिसकी चर्चा आज भी होती है।

दरअसल, उस वत जब ऐरो क्लब के चेयरमैन अवतार सिंह ने देखा की बहुत से ऐसे जते है जो रूस के मौसम के अनुसार डिज़ाइन किये गये है। इन जूतों की सोल हार्ड रबड़ की बनी थी, लेदर से सिले हुए थे और हाथो से बनाया गया था। तब अवतार सिंह ने रफ तुफ़ जूतों को सेल्क्ट किया और मार्किट में उतार दिए। इसके बाद वुड लैंड के नाम से ही भारतीय बाजार में एक दो स्टोर्स लॉन्च किये।

इन जूतों पर 0092 नंबर प्रिंट किया गया और जेंट्स शूज से रेप्रेंट किया गया तब इन जूतों ने बाटा और कोरोन नाम के ब्रांड को जमकर टक्कर दी और मोटा लाभ भी कायम था।

और आज के वक्त में वुडलैंड जूतों का सबसे बड़ा ब्रांड बन चूका है। हिमाचल और उत्तराखंड में इस ब्रांड की 8 फेक्ट्री है। जोकि कुल मांग का 70% प्रोडक्शन करती है। आज पुरे विश्व में इसके लगभग 350 शो रूम है। 5 हजार से ज्यादा मल्टी ब्रांडआउट लेट है। और अब ये कम्पनी करीब 1250 करोड़ का बिजनेस कर रही है।

Journalist from Moradabad. At @News Desk he report, write, view and review Crcicket News. Can be reached at hello@newsdesk-24.com with Subject line starting Kuldeep

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