दुनिया का 6 वां सबसे अमीर इंसान हो गया कंगाल, अनिल अंबानी को ये गलतियां पड़ी भारी

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एक कहावत है की उपर वाला जब देता है तो छप्पर फाड़ कर देता है और जब लेता है तो सब कुछ मिटटी में मिला देता है ऐसा ही कुछ हुआ अनिल अम्बानी के साथ, 2008में अनिल अम्बानी दुनिया के 6 वें सबसे अमीर आदमी थे लेकिन  ऐसी नौबत आ गई कि लगातार घाटे की वजह से उन्हें रिलायंस कम्यूनिकेशन के डायरेक्टर पद से इस्तीफा देना पड़ा है।

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जब 2005 में धीरूभाई अंबानी के 28,000 करोड़ रुपये के रिलायंस ग्रुप का बटवारा हुआ था तो अनिल अम्बानी और मुकेश अम्बानी को आधा आधा हिस्सा मिला था  उस बटवारे में जो भी मुनाफा वाला काम था वो अनिल अम्बानी को मिला था तो ये तय हुआ अगले 10 साल तक बड़े भाई मुकेश इस इंडस्ट्री में दखल नहीं देंगे .

रिपोर्ट के मुताबिक अनिल अम्बानी ने 2002 में Rcom की शुरुवात की अनिल अंबानी ने CDMA टेक्नॉलजी को चुना और कॉम्पिटिटर- एयरटेल, हच मैक्स ने GSM टेक्नॉलजी को चुना। CDMA टेक्नॉलजी की सबसे बड़ी समस्या यह थी कि यह केवल 2G और 3G को सपोर्ट करती है, जबकि भारत में 4जी की शुरुआत होने वाली थी। और यहाँ पर वो पीछे रह गए.

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उन्होंने 2005 में ऐडलैब्स और 2008 में 1.2 अरब डॉलर का करार ड्रीमवर्क्स के साथ किया था। इसके बाद वह इन्फ्रास्ट्रक्चर के बिजनस में भी गए, इसके साथ साथ 2014 में उनकी पावर और इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनियां बड़े कर्ज में डूब गईं

इसी बीच उनके बड़े भाई के मुकेश के लिए टेलिकॉम में एंट्री न करने की मियाद पूरी हो चुकी थे। वह जियो के साथ आए और खूब छाए और यहाँ भी अनिल अंबानी पीछे रह गए , RCom की स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 2008 में कंपनी की टोटल वैल्यू 1,65,917 करोड़ थी जो फरवरी 2019 में घटकर मात्र 1,687 करोड़ रह गई।

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