शहीद होने के बाद भी देश की सीमा पर 52 सालो से ड्यूटी कर रही बाबा हरभजन सिंह की आत्मा, दूर दूर से लोग करने आते हैं पूजा. हर महीने मिलते है इतनी तनख्वाह

Advertisements

देशसेवा करने वाले सैनिक अपनी जान हथेली पर रखकर कि देश एवं देशवासियों की रक्षा में सदैव तैनात रहते हैं.सैनिक के बदौलत ही देश के लोग बेखौफ जी पाते हैं.जीते जी तो यह सैनिक देश की रक्षा करते हैं लेकिन क्या आपने कभी यह कल्पना की है कि किसी सैनिक में देशभक्ति का जुनून इस कदर हो कि वह मरने के बाद भी अपनी ड्यूटी निभा रहा हो,और सीमा पर तैनात हो.यह बात सुनने में आपको जरूरअजीब लग सकती है लेकिन या हकीकत है.आज हम आपको भारत के ऐसे ही सैनिक की कहानी बताने जा रहे हैं,जिसमें देश भक्ति का जुनून इस कदर है कि वह मरने के बाद भी अपनी ड्यूटी निभा रहे है.

हम बात कर रहे हैं भारतीय सेना के फौजी बाबा हरभजन सिंह के बारे में.यह भले ही अविश्वसनीय लग रहा हो लेकिन या घटना पूरी तरह से वास्तविक है.बाबा हरभजन सिंह का जन्म 30 अगस्त सन 1960 पंजाब के सरदाना गांव में हुआ था.बाबा हरभजन सिंह 24 पंजाब रेजीमेंट जवान थे.सन 1968 में हुए एक हादसे के दौरान ड्यूटी पर रहते हुए यह शहीद हो गए थे.हादसे के काफी समय बाद तक इनका पार्थिव शरीर नहीं मिल सका था.

Advertisements

बताया जाता है कि हरभजन सिंह खुद सपने में आकर के अपने शव के बारे में जानकारी दे कर के गए थे.जब अगले दिन सर्च ऑपरेशन हुआ तो उनका पार्थिव शरीर उसी जगह पर मिला जहां सपने में बाबा हरभजन सिंह ने बताया था। उनका अंतिम संस्कार किया गया और वहीं पर हरभजन सिंह का बंकर बना दिया गया.जहां पर इनकी पूजा होने लगी.

आपको बता दें कि इसके बाद एक बार फिर बाबा हरभजन सिंह की आत्मा ने उसी सैनिक को सपना दिया और सपने में सैनिक से कहा कि आज भी अपनी ड्यूटी वह पूरी कर्तव्य निष्ठा के साथ निभा रहे हैं.इसके साथ ही बाबा हरभजन सिंह ने यह भी इच्छा जाहिर की कि उनकी एक समाधि बनाई जाए.बाबा हरभजन सिंह की इच्छा का सम्मान करते हुए वहां पर एक समाधि में बनवाई गई.सन 1982 में बाबा हरभजन सिंह की समाधि सिक्किम की राजधानी गंगटोक के लेलेपला दर्रे और नाथुला दर्रे के बीच में बनवाई गई.बताया जाता है कि यह मंदिर 13000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है.लेकिन इसके बावजूद लाखों लोगों की आस्था इनसे जुड़ी हुई है दूर-दूर से श्रद्धालु इस मंदिर में अपना माथा टेकने के लिए आते हैं.

Advertisements

इस मंदिर में हरभजन सिंह की कुछ चीजें स्थापित की गई है जिनमें कि उनकी एक फोटो और उनके जूतों को भी जगह दी गई है.हैरानी की बात यह है कि बाबा हरभजन सिंह की मौजूदगी केवल भारतीय सैनिक नहीं बल्कि चीन के सिपाही भी महसूस करते हैं.खबरों के मुताबिक हरभजन सिंह की शहादत के बाद नाथुला के नजदीक चीन सेना की हर गतिविधि पर यह कड़ी नजर रखते हैं.और किसी भी घटना की जानकारी सपने के माध्यम से अपने साथियों तक पहुँचा देते हैं.इनके द्वारा दी गई सभी जानकारियां हमेशा सही सिद्ध होती हैं.

Advertisements

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published.