देहरादून। उत्तराखंड सरकार जैसे ही कोटद्वार में ईएसआई सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल बनाने के लिए जारी 18 करोड़ वापस लिए उसके बाद ही कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने अब मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए मोर्चा खोल दिया।

पैसा वापस लेने पर जताई नाराज़गी
उन्होंने कहा, मैं बहुत जिद्दी हूं, मंत्री रहूं या नहीं, मगर जनहित के लिए जरूर मेडिकल कॉलेज बनवाऊंगा। नए साल के पहले दिन शुक्रवार को श्रम एवं वन मंत्री हरक सिंह ने कोटद्वार में हॉस्पिटल निर्माण का पैसा वापस लेने पर नाराजगी जाहिर की।

उन्होंने कहा कि जनता के हित के लिए वे कुछ भी करने को तैयार हैं। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा- मैं मंत्री-विधायक रहूं या नहीं, इससे फर्क नहीं पड़ता, मगर जनता से किया वादा पूरा जरूर करूंगा। हॉस्पिटल निर्माण को दिए 18 करोड़ वापस आ गए। मैं इस मसले पर सीएम से बात करूंगा। केंद्र ने अब एक जिले में एक ही मेडिकल कॉलेज का प्रावधान किया है। इस बाबत केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री का पत्र मिला है।

मेडिकल कॉलेज से सेना के जवानों को भी मिलेगा लाभ
हरक बोले, लैंसडौन में गढ़वाल रायफल्स की बटालियन है और वहां छोटा हॉस्पिटल है। इससे काम नहीं चलेगा। गढ़वाल रायफल्स के जवानों और आश्रितों के इलाज को मेडिकल कॉलेज जरूरी है। वे पीएम के सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल एवं केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से बात करेंगे कि वे पीएम नरेंद्र मोदी और स्वास्थ्य मंत्री से इस बाबत अनुरोध करें। हरक ने कहा कि वे कोटद्वार में मेडिकल कॉलेज बनाने का मन बना चुके हैं और इस दिशा में काम कर रहे हैं।

गडकरी के प्रयासों को आगे बढ़ा रहा था: हरक
मंत्री हरक ने कहा कि विस चुनावों के वक्त जब केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी कोटद्वार आए थे तो उन्होंने जनता से वादा किया था कि, यदि सरकार बनी तो कोटद्वार में मेडिकल कॉलेज बनाएंगे। वे गडकरी के प्रयासों को आगे बढ़ा रहे थे और मजदूरों के लिए हॉस्पिटल ही बनवा रहे थे, क्या कोई अपराध हुआ है ?

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