जब से टी-20 वर्ल्ड कप के लिया भारतीय टीम का चयन हुआ है तबसे ही BCCI सवालों के कटघरे में हैं, BCCI ने फिर से उन्ही खिलाड़ियों को टी 20 वर्ल्ड कप में खेले का मौका दे दिया है जिन्होंने भारतीय टीम को एशिया कप हराया था.

कोई भी भारतीय नही चाहता है की टीम इंडिया को विश्व कप में एशिया कप की तरह हार का सामना करना पड़े. लेकिन अब जब BCCI ने भारतीय टीम का ऐलान किया तो हर कोई कहने लगा की इस बार तो पक्का हार कर आयेगी, सौरभ गांगुली ने क्या सोचकर बनाई है?

भारत के पास एक से बढ़कर एक अच्छा खिलाड़ी है लेकिन चयन करते वक्त योग्यता से ज्यादा चापलूसी हावी हो जाती है जिसके चलते अच्छे खिलाड़ियों को मौका नही मिल पाता है, ऐसा ही हुआ इस बार टीम इंडिया के सिलेक्शन में.

पन्त  ने ओस्ट्रेलिया के खिलाफ 6 मैच खेले है जिसमे 24 रन बनाये हैं फिर भी उन्हें टीम इंडिया में मौका मिल गया है, एशिया कप में भी पंत का प्रदर्शन कुछ खास नही रहा है  वही साउथ अफ्रीका के खिलाफ ७ मैच में 81 रन बनाये हैं उसके बाद भी उन्हें मौका मिला.

पंत का प्रदर्शन देखकर लग रहा हैं की उनपर टीम इंडिया के चयनकरता काफी मेहरबान हैं, इतना घटिया प्रदर्शन करने के बाबजूद भी उन्हें टीम इंडिया में खिलाया जा रहा है , जबकि इनसे अच्छे खिलाड़ी संजू सैमसन, को बाहर बैठाया हुआ है, अगर सैमसन का चयन वर्ल्ड कप के लिए हो जाता तो ना जाने कितने खिलाड़ियों का करियर खतरे में आ जाता.

रोहित शर्मा इस बात को अच्छे से जानते हैं इसलिए उन्हें सैमसन की जगह पंत को चुना, पंत और सैमसन में जमीन आसमान का फर्क है, पंत महान खिलाड़ी नही बन सकते जबकि सैमसन में महान खिलाड़ी बनने का सारे गुण हैं, वही टीम के चयन करने वालो ने सैमसन, शमी, उमरान मलिक बाहर करके उनके साथ नाइंसाफी की है

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