एक ‘बुरा फैसला’  तीन दोस्तों के लिए उनके जीवन का सबसे अच्छा फैसला साबित हुआ,उन्होंने IAS/PCS की तैयारी छोड़ सिविल सेवक नहीं बनने का फैसला किया और एक साथ एक चाय की दुकान खोली। मध्य प्रदेश के इंदौर के तीन दोस्तों ने लाखों की नौकरी छोड़ चाय का व्यापार शुरू किया और  चाय की दुकान खोलकर उद्यमी बन गए। और आज उनका प्रति वर्ष 100 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार है, मात्र 5 साल में दुबई, ओमान में फ्रेंचाइजी के साथ-साथ देश भर में 165 से अधिक आउटलेट स्थापित किए गए हैं

हालांकि दुकान का नाम ‘चाय सुट्टा बार’ है लेकिन दुकान में धूम्रपान की अनुमति नहीं है। चाय की दुकान अन्य दुकानों की तरह नहीं है क्योंकि यहां वे कई अलग-अलग स्वादों की चाय 10 रुपये में ही बेचते हैं। यहां चाय के अलावा सैंडविच, पास्ता, मैगी आदि भी परोसे जाते हैं।

3 लाख में शुरू किया था करोबार 

2016 में उन्होंने इंदौर में अपनी पहली चाय की दुकान 3 लाख रुपये में खोली थी लेकिन अब यह एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बन गई है, जिसकी विदेशों में कई फ्रेंचाइजी हैं। चाय सुट्टा बार से कुम्हार परिवारों को भी बहुत फायदा हुआ है, जो कुल्हड़ में चाय परोसते हुए इसके आउटलेट के लिए मिट्टी के प्याले या कुल्हड़ बनाते हैं।

मिटटी के कुल्ल्हड में मिलती है चाय 

“हमारी चाय सभी दुकानों में कुल्हड़ों में परोसी जाती है। हम प्रतिदिन लगभग 3 लाख कुल्हड़ों का उपयोग करते हैं, जिससे हजारों लोगों को रोजगार मिलता है।”‘चाय सुट्टा बार’ के निदेशक आनंद नायक ने एएनआई को बताया कि ब्रांड के देश भर में 165 आउटलेट हैं, जिनका टर्नओवर 100 करोड़ रुपये से अधिक है, जिसमें लगभग 2.5 करोड़ कंपनी के अपने आउटलेट का कारोबार है।

Journalist from Gurugram. At @News Desk she report, write, view and review hyperlocal buzz of Delhi NCR. Can be reached at [email protected] with Subject line starting Meenakshi

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