एक कहावत है जितनी सांसे उपर वाले ने लिख दी उतनी ही इन्सान ले सकता है चाहे वो लाख जतन कर ले, ऐसा ही कुछ हुआ एक मासूम के साथ, जिसने भी इसके बारे में सुना उसके आँखों में आंसू आ गये. ये मामला पुणे का है यहाँ एक एक 11 महीने के मासूम की जान बचाने के लिए 16 करोड़ का इंजेक्शन लगा फिर भी इस खतरनाक बीमारी से जान न बच सकी.

मासूम की जान बचाने के लिए पुरे भारत ने मिलकर 16 करोड़ रूपये इक्कठा किये थे, यहाँ तक की भारत सरकार ने मदद भी की थी, जो पैसे नही दे सकता था उसने दुआएं दी थी की मासूम सही हो जाये लेकिन किस्मत में कुछ और ही लिखा था.

 

 

महाराष्ट्र के पिंपरी चिंचवाड़ में रहने वाले सौरभ शिंदे की बच्ची का नाम वेदिका था  उसे   ‘SMA Type 1’ (स्पाइनल मस्क्यूलर अट्रॉपी) जैसी खतरनाक  नाम की खतरनाक बीमारी थी जिसका इलाज इरफ 16 करोड़ के इंजेक्शन द्वारा ही हो सकता था

 

 

16 जून को लगा था 16 करोड़ का इंजेक्शन 

माता-पिता ने सोशल मीडिया पर लोगों से मदद लेकर किसी तरह क्राउड फंडिंग से 16 करोड़ रुपए जमा किए। इसके बाद जोलगेन्स्मा  नाम का इंजेक्शन अमेरिका से मंगवाया था और 16 जून को लगवा दिया था इसके बाद परिवार खुश था की वेदिका बच जाएगी लेकिन ऐसा न होसका

 

 

वेदिका शिंदे की रविवार को मौत को अचानक ज्यादा तबीयत बिगड़ गई, उसे सांस लेने मे तकलीफ हो रही थी।  बच्ची को पुणे के एक निजी अस्पताल में एडमिट कराया। लेकिन रात को ही इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई, मासूम की मौत पर पूरा पुणे शहर दुखी है। सोशल मीडिया पर इमोशनल बातें लिख मासूम बच्ची को श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

Journalist from Gurugram. At @News Desk she report, write, view and review hyperlocal buzz of Delhi NCR. Can be reached at [email protected] with Subject line starting Meenakshi

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