महेंद्र सिंह धोनी अकेले आपने दम पर विकेट के पीछे से मैच का रुख पलट देते थे.  अगर टीम इंडिया मैच हार भी रही होती थी और वो खेल रहे होते थे तो एक उम्मीद रहती थी की मैच जीत जायंगे, महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में कई  धुरंधर खिलाड़ियों ने वर्ल्ड कप जैसे टूर्नामेंट्स में मैच विनर का रोल निभाया है, लेकिन विराट कोहली के कप्तानी संभालते ही इन खिलाड़ियों के करियर पर ऐसा ग्रहण लगा कि ये लगातार फ्लॉप होते चले गए.

सुरेश रैना

धोनी की कप्तानी में सुरेश रैना फर्श से अर्श पर जा पहुंचे. सुरेश रैना धोनी की टीम के बहुत ही उपयोगी और भरोसेमेंद खिलाड़ी के रूप में शामिल रहे. सुरेश रैना ने धोनी की कप्तानी में एक लंबा वक्त भारतीय टीम के साथ गुजारा. इस दौरान उन्होंने धोनी की कप्तानी में कुल 228 वनडे मैच खेले. इस दौरान उन्होंने 35 की औसत के साथ 6228 रन बनाए. धोनी की कप्तानी में शानदार प्रदर्शन करने वाले रैना के लिए कोहली की कप्तानी ज्यादा रास नहीं आई. कोहली की कप्तानी में उन्होंने 26 वनडे मैचों में 542 रन ही बनाए हैं.

युवराज सिंह

युवराज सिंह ने भारत को 2007 टी-20 वर्ल्ड कप और 2011 वनडे वर्ल्ड कप जिताने में बड़ा रोल निभाया था. जब महेंद्र सिंह धोनी भारत के कप्तान बने तो युवराज सिंह ने धूम ही मचा दी. युवराज सिंह ने भारतीय क्रिकेट को शिखर पर पहुंचाया. युवराज सिंह ने महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में 2007 टी-20 वर्ल्ड कप और 2011 वनडे वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन किया और ‘मैन ऑफ द टूर्नामेंट’ रहे.

रविचंद्रन अश्विन

रविचंद्रन अश्विन मौजूदा समय में भारतीय टेस्ट टीम के बड़े हथियार हैं, लेकिन अश्विन इस समय वनडे फॉर्मेट में टीम से पूरी तरह से बाहर हैं. अश्विन ने धोनी की कप्तानी में शानदार खेल दिखाया. अश्विन ने धोनी की कप्तानी में 78 वनडे मैचों में 105 और 42 टी-20 मैचों में 49 विकेट हासिल किए, लेकिन कोहली की कप्तानी में अश्विन ने 20 वनडे ही खेले. इस दौरान अश्विन केवल 25 विकेट ही ले सके. यानि अश्विन को धोनी की कप्तानी ज्यादा रास आई.

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