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इंडियन आर्मी के राजपूत जवानों ने ठुकरा दहेज, देवेंद्र सिंह शेखावत ने 5.51 लाख को छूआ तक नहीं, कहा-खुद की मेहनत पर है विश्वास

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पहले जमाने में लोग दहेज के भूखे रहते थे आज के माय में भी कुछ लोग दहेज लेने के लिए के लिए कई बार रिश्ते भी तोड़ देते हैं लेकिन अब कुछ लड़को को दहेज पसंद नही आ रहा हैं. एक ऐसा ही मामला राजस्थान में देखने को मिला है  राजस्थान में अब युवा दहेज जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ खड़े होने लग गये हैं

ये माला शेखावाटी इलाके से. यहां सीकर (Sikar) जिले के डालमास निवासी ने दूल्हे ने वधू पक्ष की ओर से टीके की रस्म के तौर पर दिये जा रहे पांच लाख रुपये लौटाकर अनूठा उदाहरण पेश किया है. यह शादी इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है. वहीं यह साेशल मीडिया में भी छायी हुई है.

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जानकारी के अनुसार सीकर जिले के डालमास गांव निवासी महेंद्र सिंह शेखावत के पुत्र देवेंद्र सिंह शेखावत का विवाह चूरू जिले के रतनगढ़ के फ्रांसा गांव निवासी बजरंग सिंह राठौड़ की बेटी सोनू कंवर के साथ हुआ है. 28 नवंबर को हुये इस विवाह में वधू पक्ष की ओर से दूल्हे को टीके की रस्म में 5 लाख रुपये भेंट किये गये थे. लेकिन दूल्हे देवेन्द्र सिंह ने दहेज रूपी इस भेंट को लेने से मना कर दिया. दूल्हे ने इन रुपयों के हाथ भी नहीं लगाया.

दुल्हने ने ये कहते हुए पैसे वापस लौटा दिए की  दूल्हे ने आदर के साथ ये कहते हुये टीके के रुपये नहीं लिये कि वह इस बुराई को नहीं अपनाना चाहता है. वह खुद मेहनत कर कमाने में विश्वास करता है. दूल्हे ने कहा कि वे अपने हाथों का पवित्र रखना चाहता है लिहाजा वह इस रकम को हाथ भी नहीं लगायेगा.

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दुल्हे महिपाल सिंह ने बताया कि उनके पिता निजी कंपनी में काम करते हैं। इनका परिवार दहेज प्रता के खिलाफ है। साल 2019 भारतीय सेना में भर्ती होने वाले भाई देवेंद्र सिंह शेखावत की शादी में हमारे परिवार ने दहेज नहीं लिया।

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