टी 20 वर्ल्डकप 2007 के लिए जब BCCI के अधिकारियो ने MS धोनी को कप्तान घोषित किया था तब सभी के लिए ये फैसला काफी चौकाने वाला था। क्योकि इस वक्त टीम के सबसे सीनयर खिलाड़ी युवराज सिंह थे जिन्हें कप्तान बनाया जा सकता था, और युवराज सिंह को भी लगता था की अब उनके कप्तान बनने की बारी आ गई है। लेकिन ऐसा नहीं हो सका। जिसका दर्द आज भी युवराज सिंह को काफी परेशान करता है।

इसी को लेकर अब इनके दोस्त और साथ खिलाड़ी हरभजन सिंह ने बड़ा ब्यान दिया है। जिसमे हरभजन सिंह का कहना है की यदि उस वक्त युवराज सिंह को भी इंडियन टीम का कप्तान बनाया जाता तो हमारा क्रिकेट कैरियर और लम्बा नहीं हो सकता था। क्योकि एक कप्तान का काम होता है की वो टीम के बारे में सोचे ना की दोस्त को खुश करने के बारे में सोचे.. चलिए जानते है हरभजन सिंह ने अपने ब्यान में किया कहा..

हरभजन सिंह ने कहा की मुझे नहीं लगता की उस वक्त टीम के कप्तान युवराज सिंह को बनाये जाने से हमारा क्रिकेट कैरियर लम्बा हो जाता। क्योकि हमने जो भी क्रिकेट खेला है वो अपनी काबिलियत पर खेला है। और यदि हम कभी टीम से बाहर हुए है तो हमें बहार होने से किसी भी कप्तान ने नहीं बचाया है। दूसरी बात, जब आप कप्तान होते हो तो दोस्त नहीं, देश के बारे में आप सबसे पहले सोचते हो।

हरभजन सिंह ने आगे मजिकाया अंदाज में कहा की, यदि युवी टीम के कप्तान होते तो हमें जल्दी सोना पड़ता और जल्दी उठाना पड़ता। वो एक महान कप्तान होता और हमें भी कभी ज्यादा मेहनत करनी होती। हरभजन ने कहा की युवी के रिकॉर्ड बोलते है, 2011 के वर्ल्डकप में उसने प्लेयर ऑफ दा टूर्नामेंट जीता, जोकि हमें सम्मान का अनुभव कराता है।

बता दे की युवराज सिंह और हरभजन सिंह की दोस्ती आज तक किसी से छिपी नहीं है, इनकी दोस्ती बॉलीवुड की फिल्म शोले के जय वीरू जैसी है। चूँकि ये दोनों प्लेयर पंजाब से आते है तो इन्होने साथ में घरेलु क्रिकेट भी खेला है। और फिर टीम इंडिया के लिए भी काफी लम्बेस समय तक क्रिकेट खेला। वही, आईपीएल में भी इन दोनों ने खूब धमाल मचाया है।

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