कहते है की भारतीय क्रिकेट टीम में किसी खिलाड़ी को अपनी जगह बनाना इतना मुश्किल नहीं होता जितना मुश्किल खुद को टीम में लम्बे समय तक बनाये रखना होता है। क्योकि टीम से बहार भी बहुत से खिलाड़ी जबरदस्त प्रदर्शन कर रहे होते और टीम में अपनी जगह तलाश रहे होते है। वही, यदि टीम मैनेजमेंट को कोई खिलाड़ी अपनी लय से भटकता हुआ नजर आता है तो उसे तुरन्त बाहर कर नए खिलाड़ी को मौका दिया जाता है।

और इसी वजह से कई खिलाड़ियों का क्रिकेट कैरियर समय से पहले ही ख़त्म हो जाता है। इसी के चलते आज हम आपको एक ऐसे ही ख़िलाड़ी से मिलवाने वाले है जिसक क्रिकेट कैरियर महेंद्र सिंह धोनी और ऋषभपन्त की वजह से बर्बादी की भेंट चढ़ गया। जिसके बाद इस खिलाड़ी को क्रिकेट छोड़ वकील बनाना पड़ा।

जी हां, ये खिलाड़ी कोई और नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले एकलव्य द्विवेदी है। जिन्हें धोनी की वजह से क्रिकेट को टाटा बाये बाये कहना पड़ा। जबकि इस खिलाड़ी का घरेलु क्रिकेट में काफी शानदार प्रदर्शन रहा था। इसने प्रथम श्रेणी के 47 मैच खेले थे जिसमे इस खिलाड़ी ने 923 रन अपने नाम किये थे और साल 2016 में आईपीएल में भी हिस्सा लिया आईपीएल खेला।

इस बारे में खुद एकलव्य द्विवेदी बताते है की, ये मेरे जीवन की अपने आप में एक कहानी है, मैंने काफी समय क्रिकेट खेला। और सोचा था की भारतीय टीम के लिए भी खेलूँगा। लेकिन जब में करीब 30 साल का था और धोनी अभी भी काफी अच्छा खेल रहे है वही उनकी जगह ऋषभपन्त तैयार हो रहे है। तब मैंने टीम टीम इण्डिया में खेलने के मौके को अपने हाथो से फिसलते हुए देखा। 

एकलव्य आगे कहते है की हालाँकि मैं अभी 4 या 5 साल क्रिकेट खेल सकता था। लेकिन फिर मेरे लिए अपने कैरियर को क्रिकेट से कानून की तरफ ले जाना बहुत मुश्किल हो जाता। और तब मैंने सोचा की अभी भी मौका है की मैं कानून में अपना कैरियर बनायु। क्योकि मेरे पास एक क़ानूनी पृष्ठभूमि थी। 

Journalist from Moradabad. At @News Desk he report, write, view and review Crcicket News. Can be reached at hello@newsdesk-24.com with Subject line starting Kuldeep

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