हरभजन सिंह

भारतीय टीम का कप्तान नहीं बनने पर हरभजन सिंह का छलका दर्द, कह दी इतनी बड़ी बात, जानकर नहीं होगा याकीन

भारतीय टीम के दिग्गज स्पिन गेंदबाज हरभजन सिंह ने जब से क्रिकेट को अलविदा कहा है तब से उन्हें कई बयान देते हुए देखा गया है और उन्होंने कई बड़े खुलासे भी किए हैं। भज्जी ने हाल ही में टीम से बाहर होने के बारे में बताया था, लेकिन अब हरभजन ने भारतीय क्रिकेट टीम का कप्तान नहीं बन पाने को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उस दौरान भज्जी भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को लेकर भी अपना दुख जाहिर किया है।

भारतीय टीम ने कप्तान बनने को लकर भज्जी का बयान

जी न्यूज़ को दिए इंटरव्यू के दौरान हरभजन सिंह से कई सवाल किए गए। उस दौरान राजनीति को लेकर कहा कि फ़िलहाल इस क्षेत्र में वो नहीं आ रहे हैं। जब भी इस बारे में विचार करेंगे तो अपने फैंस को इसकी जानकारी सबसे पहले देंगे। जब कप्तानी के बारे में उनसे पूछा गया तो भज्जी ने कहा कि ऐसा बिल्कुल भी नहीं है कि मैं कप्तान बनने के लायक नहीं था या मुझे कप्तानी नहीं आती थी।

भज्जी ने आगे कहा कि उस समय पंजाब की तरफ से ऐसा कोई नहीं था जो बीसीसीआई में ऊंची पद पर हो और मेरे कप्तान बनने को लेकर बात कर सके। यदि उस समय ऐसा होता तो मैं भी भारतीय टीम का कप्तान बन सकता था। हरभजन ने यह भी कहा कि अगर मुझे टीम इंडिया की कप्तानी दी जाती तो मैं अपना 100 फीसदी देता और टीम को आगे बढ़ने में पूरी मदद करता। हमने अपने क्रिकेट करियर में एक खिलाड़ी के तौर पर भी हमेशा यही करने की कोशिश की है और एक सीनियर प्लेयर होने के नाते हमेशा अपने कप्तानों का पूरा समर्थन किया है।

जब हरभजन सिंह से यह पूछा गया कि अगर आप टीम इडिया का कप्तान होते तो क्या साल 2020 तक क्रिकेट खेलते? उसके जवाब में भज्जी ने कहा कि हमने इतने लंबे समय तक कभी भी खेलने के बारे में नहीं सोचा था। यदि मैं कप्तान होता तो साल 2015-16 तक क्रिकेट को अलविदा कह देता। क्योंकि मैं अधिक से अधिक टेस्ट क्रिकेट खेलना चाहता था और अपने 500 विकेट पूरा करना चाहता था। हर चीज हमारे पक्ष में नहीं होती है। इस वजह से जो कुछ भी हुआ बहुत अच्छा हुआ। उस दौरान हमें अच्छे-बुरे की पहचान भी हुई।

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