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IPS और IAS अफसर किसकी पावर है सबसे ज्यादा? काम, सैलरी से लेकर सरकारी सुविधाओं में ये है अंतर

IAS और IPS की तैयारी करने के लिए युवाओ को बहुत मेहनत करनी पड़ती है इसके लिए अभियार्थियो को UPSC का एग्जाम पास करना पड़ता है परीक्षा पास करने के बाद कैंडिडेट्स को अफसर बनने की ट्रेनिंग पर भेजा जाता है। यहाँ पर उनकी रैंक के हिसाब से IAS/IPS में अधिकारी के रूप में चुना जाता है. ये दोनों पद ही बेहद म्हत्ब्पूर्ण होते हैं IAS और IPS एक दूसरे के पूरक हैं.

तो आज हम आपको आईएस/आईपीएस की ट्रेनिंग, पॉवर, ड्रेस आदि के बारे में बताने जा रहे हैं 

कैडर कंट्रोल अथॉरिटी

IAS तथा IPS दोनों ही ALL India Services हैं IAS की Cadre Controlling Authority, Ministry of Personnel होती है जो की सीधे प्रधान मंत्री के आधीन होता है परन्तु IPS की Cadre Controlling Authority Home Ministry होती है जो की गृह मंत्री के आधीन होती है।

ट्रेनिंग

IAS तथा IPS की शुरुवाती 3 महीने की ट्रेनिंग होती है, लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी(LBSNAA) में ही होती है। उसके बाद IPS प्रशिक्षुओं को सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (SVPNPA) हैदराबाद भेज दिया जाता है

पावर और जिम्मेदारियां

IAS तथा IPS दोनों ही सेवाओं का जॉब प्रोफाइल बहुत ही Broad होता है और दोनों ही बहुत Powerful Posts पर तैनात होते है परन्तु IAS, एक डीएम के रूप में काफी ज्यादा Powerful होता है। एक IPS के पास केवल अपने विभाग की जिम्मेदारी होती है

डिस्ट्रिक्ट की पुलिस व्यवस्था की जिम्मेदारी भी DM के पास ही होती है। शहर में curfew, धारा 144 इत्यादि Law and Order से जुड़े सभी Decision DM ही लेता है। भीड़ पर Firing का आर्डर भी DM ही दे सकता है। IPS भीड़ पर Firing का आर्डर नहीं दे सकता। इतना ही नहीं पुलिस Officers के tranfers के लिए भी DM के Approval की आवश्यकता होती है।

सैलरी

भारत में IPS अधिकारी का वेतन सातवें वेतन आयोग की recommendations के बाद से काफी बेहतर हुआ है । IPS का वेतन 56,100 रुपये प्रति माह से लेकर 2,25,000 रुपये प्रति माह तक हो सकता है। IAS का वेतन 56,100 रुपये प्रति माह से लेकर 2,50,000 रुपये प्रति माह तक हो सकता है। यह भी Seniority के आधार पर अलग अलग होता है। IAS की salary IPS से ज्यादा होती है। इसके अलावा दोनों अफसरों को सरकारी आवास, गाड़ी आदि की सुविधाएं मुहैया करवाई जाती हैं। वहीं बिजली-पानी मेडिकल आदि के खर्च के भुगतान में छूट मिलती है।

स्कोप ऑफ़ ड्यूटी

DM के रूप में एक IAS अधिकारी का स्कोप ऑफ़ ड्यूटी district के सभी departments में होता है। एक IPS, SSP रहते हुए सिर्फ अपने पुलिस विभाग तथा यातायात विभाग में ही कार्य कर सकता है। डीएम का कार्य क्षेत्र land records, revenue, Law n Order, agriculture इत्यादि district के सभी department होते हैं।

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