IND vs SA : पहले टेस्ट मैच में ऋषभ पंत रचेंगे इतिहास, तोड़ेंगे धोनी का यह बड़ा रिकॉर्ड

भारतीय क्रिकेट टीम के युवा विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में आराम दिया गया था। लेकिन साउथ अफ्रीका के विरुद्ध होने वाली टेस्ट सीरीज के लिए उन्हें टीम इंडिया में जगह दी गई है, इस वजह से अब वो मैच खेलने के लिए पूरी तरह से तैयार है। भारत और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला 26 दिसंबर से खेला जाएगा, जिसमे ऋषभ पंत के पास महेंद्र सिंह धोनी का एक बड़ा रिकॉर्ड तोड़ने का मौका होगा।

जब न्यूजीलैंड की टीम भारत दौरे पर आई थी, उस दौरान दोनों टेस्ट मैचों के लिए पंत की जगह रिद्धिमान साहा को टीम में जगह दिया गया था। उस दौरान एक पारी में साहा ने अच्छी बल्लेबाजी की थी। लेकिन अब टीम में ऋषभ पंत की वापसी हो गई है तथा इससे भारतीय टीम भी मजबूत नजर आ रही है। क्योंकि पंत टीम की रन गति को तेजी से आगे बढ़ाने का काम करते हैं, इसके अलावा उनके पास विकेटकीपिंग में एक बड़ा रिकॉर्ड तोड़ने का मौका भी है जो पहले ही मैच में लगभग टूटना तय है।

पहले मैच धोनी का रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं ऋषभ पंत

साउथ अफ्रीका के विरुद्ध पहले टेस्ट मैच में जब ऋषभ पंत खेलने के लिए मैदान पर उतरेंगे तब विकेटकीपिंग करते हुए उनके पास महेंद्र सिंह धोनी को पीछे छोड़ने का मौका होगा। बता दें कि भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज 100 कैच लेने का रिकॉर्ड महेंद्र सिंह धोनी के नाम दर्ज हैं, उन्होंने यह कारनामा 36 टेस्ट मैचों में किया था। लेकिन अब पंत इसके बहुत नजदीक है, क्योंकि उन्होंने सिर्फ 25 टेस्ट मैचों में विकेट पीछे 97 शिकार किया है। उस दौरान उन्होंने 89 कैच और 8 स्टंपिंग किए हैं।

अगर ऋषभ पंत सेंचुरियन में होने वाले साउथ अफ्रीका के विरुद्ध पहले मैच में विकेट के पीछे तीन कैच ले लेते हैं तो वो भारत की तरफ से टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज 100 कैच लेने वाले विकेटकीपर बन जाएंगे। अगर पहला मुकाबला पंत खेलते हैं तो एमएस धोनी का यह बड़ा रिकॉर्ड टूटना लगभग तय है, क्योंकि विकेट के पीछे एक टेस्ट मैच में तीन कैच लेना कोई बड़ी बात नहीं है।

वहीं भारतीय क्रिकेट फैंस को साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में ऋषभ पंत से काफी उम्मीद होगी। क्योंकि हर भारतीय फैंस चाहता है कि इस बार साउथ अफ्रीका की धरती पर टीम इंडिया वो कारनामा करें जो इससे पहले कभी नहीं हो पाया। इस काम में ऋषभ पंत को भी अपना पूरा योगदान देना होगा, क्योंकि साउथ अफ्रीका की गेंदबाजी आक्रमण बिल्कुल भी कमजोर नहीं है।

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