विराट, गांगुली और द्रविड़
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भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की वनडे श्रृंखला के पहले मुकाबले में अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे, लेकिन वो अपनी पारी को बड़ी नहीं कर पाए। जिस वजह से उनके बल्ले से सिर्फ 51 रन निकले हैं। भले ही विराट उस अर्द्धशतकीय पारी को शतक में बदलने में सफल नहीं रहे, लेकिन उस दौरान उन्होंने टीम इंडिया के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ का एक रिकॉर्ड अवश्य तोड़ दिया है।

इस मामले में गांगुली और द्रविड़ से आगे निकले विराट

भारत आर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे क्रिकेट में सबसे अधिक रन बनाने के मामले में विराट कोहली ने टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली और दिग्गज बल्लेबाज राहुल द्रविड़ को पीछे छोड़ दिया है। सौरव गांगुली साउथ अफ्रीका के विरुद्ध 29 वनडे मैचों की 29 पारियों के दौरान बल्लेबाजी करते हुए 50.50 की अच्छी औसत के साथ 1313 रन बनाए हैं। उस दौरान गांगुली ने तीन शतक और 8 अर्द्धशतक लगाया है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ गांगुली का उच्चतम स्कोर नॉट आउट 141 रन रहा है।

वहीं टीम इंडिया के पूर्व बल्लेबाज राहुल द्रविड़ दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 36 वनडे मैचों की 36 पारियों में बल्लेबाजी करते हुए 39.66 की औसत से 1309 रन बनाए हैं। उस दौरान द्रविड़ के बल्ले से 14 अर्द्धशतक निकले हैं, जिसमे उनका सबसे बड़ा स्कोर 84 रनों का रहा है। अब विराट कोहली दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सबसे अधिक रन बनाने के मामले में सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ दोनों को पीछे छोड़ दिया है।

विराट कोहली साउथ अफ्रीका के खिलाफ 28 वनडे मैचों की 26 पारियों में बल्लेबाजी करते हुए 63.71 की बेहतरीन औसत के साथ टोटल 1338 रन बना चुके हैं। इस मुकाबले से पहले कोहली के नाम 1287 रन दर्ज थे। बता दें कि विराट दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध वनडे क्रिकेट में 4 शतक और 7 अर्द्धशतक लगा चुके हैं और उस दौरान उनकी सबसे बड़ी पारी नॉट आउट 160 रनों की रही है।

विराट कोहली पिछले दो सालों से रन तो ठीक-ठाक बना रहे हैं, लेकिन उनके बल्ले से शतक देखने को नहीं मिला है। इस वजह से दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे मैच में भारतीय फैंस उम्मीद जता रहे थे कि इस बार शतक का सूखा खत्म हो जाएगा, लेकिन वैसा बिल्कुल भी नहीं हुआ। विराट इस मैच में 63 गेंदों का सामना करते हुए सिर्फ तीन चौके की मदद से मात्र 51 रनों की पारी खेली। अगर कोहली उस दौरान शतक लगाते तो टीम इंडिया भी मैच जीत सकती थी।

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