भारतीय टेस्ट टीम
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भारतीय क्रिकेट टीम ने साल 2018 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कंगारू टीम को उसी के घर में 71 साल बाद टेस्ट सीरीज जीतने का कारनामा किया था, जिस वजह ससे भारतीय फैंस बहुत खुश हुए थे। उसके बाद पूरी दुनिया में टीम इंडिया की खूब प्रशंसा भी हुई थी, क्योंकि उस साल खासकर भारतीय टीम के खिलाड़ियों ने अपनी गेंदबाजी और बल्लेबाजी से मेजबान टीम के छक्के छुड़ा दिए थे। इसी वजह से भारत 71 साल बाद इतिहास रचने में सफल रहा था।

भारत ने गाबा में जीता ऐतिहासिक टेस्ट मैच

साल 2018 में जब टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया दौरे पर थी तो उस दौरान उस सीरीज का पहला मुकाबला भारतीय टीम को बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा था। उस श्रृंखला के पहले मैच की दूसरी पारी में टीम इंडिया के बल्लेबाजों ने बेहद खराब बल्लेबाजी की थी, जिस वजह से भारत मात्र 36 रनों पर ऑल आउट हो गया था। उस मैच के बाद टीम के कप्तान विराट कोहली भारत वापस लौट आए थे, फिर टीम की कमान अजिंक्य रहाणे के हाथों में दी गई।

जैसे ही टीम इंडिया की कप्तानी रहाणे को मिली, फिर दूसरे टेस्ट में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को बुरी तरह हराया। उसके बाद बाद तीसरे टेस्ट मैच में भी भारत ने बेहतर खेल दिखाते हुए ड्रॉ करवा दिया। अब उस टेस श्रृंखला का अंतिम और चौथा मुकाबला गावा में खेला गया, जिसमे टीम इंडिया के खिलाड़ियों ने एक बार फिर से कमाल करते हुए कंगारुओं को धुल चटाई थी। उस मैदान पर 2018 से पहले 31 साल में कोई भी टीम नहीं हरा पाई थी।

कुछ ऐसा था गावा टेस्ट का हाल

उस साल गावा में टेस्ट सीरीज का अंतिम और निर्णायक मुकाबला खेला गया था और उस दौरान ऑस्ट्रेलिया पहले बल्लेबाजी करती हुई 369 रन बनाई थी। फिर उसके जवाब में भारतीय टीम 336 रन बना पाई, जिसमे भारत की तरफ से शार्दुल ठाकुर और वाशिंगटन सुन्दर ने बेहतरीन शतक लगाया था। उसके बाद ऑस्ट्रेलिया की टीम अपनी दूसरी पारी में सिर्फ 294 रन बानाने में सफल रही।

अब उस मुकाबले के चौथी पारी में टीम इंडिया को मैच जीतने के लिए 328 रनों की आवश्यकता थी। फिर भारतीय टीम के बल्लेबाजों ने मेजबान टीम के गेंदबाजों के सामने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए उस मुकाबले को आसानी से जीत लिया। इंडिया की तरफ से चौथी पारी में शुभमन गिल 91 रन, चेतेश्वर पुजारा 56 रन और ऋषभ पंत ने 89 रनों की नॉट आउट पारी खेली थी। इसी वजह से उस मुकाबले के साथ-साथ टेस्ट सीरीज भी भारत अपने नाम कर पाई थी।

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