भारतीय रेलवे स्टेशनों को जंक्शन, सेंट्रल और टर्मिनल के नाम से क्यों जाना जाता है? जानिए विस्तार से

जब भी कही घुमने का प्लान बनाते है तो सबसे पहले ट्रेन देखते है की ट्रेन किस समय मिलेगी, कब पहुचेगी, और बीच में कौन कौन से स्टेशन मिलेंगे, ट्रेन का विकल्प इसलिए भी क्योंकी ये सस्ता भी होता है और सुविधाजनक भी. क्या आप पता है भारतीय रेलवे स्टेशन को 4 भागों में बांटा गया है, जिसमें टर्मिनस, सेंट्रल, जंक्शन और स्टेशन शामिल हैं.

अब आपके दिमाग में ये सवाल आयेगा की आखिर क्यों इन स्टेशन को अलग अलग नाम से क्यों जाना जाता है? तो चलिए आज हम आपको बताते हैं.

जंक्शन रेलवे स्टेशन : अगर किसी स्टेशन पर तीन दिशाओं से ट्रेनें आकर मिलती हों तो उस स्टेशन को जंक्शन कहा जाता है. एक आंकड़े के मुताबिक भारत में 300 से ज्यादा रेलवे जंक्शन हैं

सेंट्रल स्टेशन : रेलवे के नियमो के मुताबिक एक शहर में तीन से चार स्टेशन हों तो वहां के सबसे व्यस्त रहने वाले स्टेशन को सेंट्रल नाम दे दिया जाए जानकारी के मुताबिक भारत में 5 सेंट्रल रेलवे स्टेशन हैं और वो हैं, मुंबई सेंट्रल, चेन्नई सेंट्रल, त्रिवेंद्रम सेंट्रल, मैंगलोर सेंट्रल और कानपुर सेंट्रल.

टर्मिनस या टर्मिनल रेलवे स्टेशन : टर्मिनल का मतलब ऐसे स्टेशन से है जहां से ट्रेनों के आगे जाने के लिए ट्रैक न हो, यानी ट्रेनें वहां आती तो लेकीन आगे जाने के लिए रस्ता ना हो, इन रेलवे स्टेशन को टर्मिनल के नाम से जाना जाता है.

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