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नेत्रहीन क्रिकेट विश्व कप विजेता नरेश तुम्दा हुए बरोजगार, पेट के लिए में सब्जियां बेचने और मजदूरी करने को मजबूर

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 महामारी और उसके बाद के लॉकडाउन ने लाखों लोगों को नौकरियों से बाहर कर दिया और उन्हें अपनी आजीविका  के लिए संघर्ष करना पड़ा रहा है। ऐसा ही कुछ हुआ एक नेत्रहीन क्रिकेटर के साथ, जिसने 2018 में नेत्रहीन क्रिकेट विश्व कप में देश को वर्ल्ड कप जीताकर काफी काफी नाम कमाया था , लेकिन अब उन्हें अपना पेट भरने के लिए श्रम का काम और सब्जियां बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है.

ये गुजरात के नवसारी के रहने वाले हैं   नेत्रहीन क्रिकेटर नरेश तुमदा जो विश्व कप विजेता टीम की प्लेइंग इलेवन का हिस्सा थे अब उन्हें COVID-19 लॉकडाउन के कारण श्रम कार्य करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है 

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“मैं श्रम का काम करके एक दिन में 250 रुपये कमाता हूं। मैंने मुख्यमंत्री से तीन बार नौकरी की गुहार लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। मैं सरकार से मुझे नौकरी देने की गुजारिश करता हूं ताकि मैं अपने परिवार की देखभाल कर सकूं. उन्होंने आगे कहा कि जब हम वर्ल्ड कप जीतकर दिल्ली वापस आए तो सभी ने इसकी सराहना की थी 

 ”उन्होंने कहा “हमने केंद्रीय मंत्रियों और राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद से मुलाकात की। जब हमने विश्व कप जीता था तो मैं बहुत खुश था और सोचा था कि मुझे नौकरी मिल जाएगी लेकिन अब तक मुझे नौकरी नहीं मिली। मैं प्रधान मंत्री से मेरी आजीविका के लिए एक नौकरी प्रदान करने का आग्रह करता हूं, 

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अब उनकी कहानी वायरल होने के बाद, कई लोगों ने सरकार से उनकी मदद करने का आग्रह किया।

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