18 फ्रैक्चर को ठीक करने के लिए हुई 8 सर्जरी, फिर भी नही टुटा हौसला, झुग्गी में पढ़ लिखकर बनी IAS

एक कहाबत है अगर करने का जज्बा हो तो राह में कितने भी रोड़े आये कुछ भी किया जा सकता है और इसका सबसे अच्छा उदाहरण हैं राजस्थान के पाली की रहने वाली उम्मुल खेर. उम्मुल खेर ने अपने जीवन में वो कर दिखाया जिसकी कोई कल्पना भी नही कर सकता है.

उम्मुल खेर जब से पैदा हुई थी वो तभी से ही विकलांग थी यानी उम्मुल बचपन से ही विकलांग थीं, लेकिन उन्होंने कभी भी इसे अपनी सफलता में रुकावट नहीं बनने दी और इसी का नतीजा ये रहा की उन्होंने UPSC का एग्जाम क्लियर किया और वो अधिकारी बनी.

बचपन से है बेइलाज बीमारी 

रिपोर्ट के मुताबिक उम्मुल खेर  बोन फ्रेजाइल डिसऑर्डर से पीड़ित हैं, ये बीमारी इतनी खरतनाक हैं की इसमें   शरीर की हड्डिया कमजोर हो जाती हैं. बोन फ्रेजाइल डिसऑर्डर  की वजह से कई बार उनकी हड्डियां टूट जाती थीं. उन्होंने अब तक कुल 16 फ्रैक्चर और 8 सर्जरियों को झेला है.

रिपोर्ट के मुताबिक उम्मुल खेर राजस्थान से हैं और इनका जन्म  जब उम्मुल बहुत छोटी थीं तब उनके पिता गुजर-बसर के लिए दिल्ली आ गए थे और उनका परिवार निजामुद्दीन इलाके में स्थित झुग्गी झोपड़ी में रहने लगापाली मारवाड़ में एक गरीब परिवार में हुआ था और यहीं दिल्ली में ही इन्होने कपड़े बेचकर अपना गुजारा किया.

उम्मुल खेर  10वीं में 91 प्रतिशत और 12वीं में 89 प्रतिशत अंक हासिल किए थे. जिसके बाद DU में एडमिशन लेकर अपनी स्नातक की पढाई पूरी की.कड़ी मेहनत के बाद उम्मुल खेर (Ummul Kher)  ने साल 2017 में पहले ही प्रयास में यूपीएससी एग्जाम पास किया और ऑल इंडिया में 420वीं रैंक हासिल की.

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