मिलिए आईएएस अधिकारी शुभम गुप्ता से, जो कभी अपनी घर का खर्चा चलाने के लिए जूते की दुकान में काम करते थे

Advertisement

 सिविल सेवा परीक्षा देश में सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक है। और इसको पास करके भारत की सबसे ऊँची नौकरी पाई जा सकती है, इसलिए आज हम आपको शुभम गुप्ता की कहानी बता रहे हैं, जिन्होंने कई मुश्किलों का सामना कर यूपीएससी पास किया। राजस्थान के जयपुर में रहने वाले शुभम गुप्ता अपने आप में एक प्रेरणा हैं। यूपीएससी परीक्षा 2018 में छठी रैंक हासिल करने वाले शुभम फिलहाल महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में कलेक्टर हैं।

Advertisement

शुभम गुप्ता का जन्म राजस्थान की राजधानी जयपुर में हुआ था और उन्होंने यहीं से सातवीं तक पढ़ाई की। आर्थिक तंगी के चलते शुभम का परिवार महाराष्ट्र के एक छोटे से गांव में रहने चले गये थे.

Source: Instagram

रिपोर्ट के मुताबिक गांव में एक भी हिंदी या अंग्रेजी माध्यम का स्कूल नहीं था और शुभम के लिए मराठी में पढ़ना मुश्किल था क्योंकी वो मराठी जानते नही थे । इसके बाद उनके पिता ने उन्हें गुजरात के वापी में भर्ती कराया और वहीं से उन्होंने 8वीं से 12वीं तक की पढ़ाई पूरी की।

Advertisement
Source: Instagram

 

घर चलाने के लिए शुभम गुप्ता के पिता ने महाराष्ट्र में धनु रोड के पास जूते की दुकान खोली। वापी में अपनी स्कूली शिक्षा खत्म करने के बाद, शुभम ने अपने पिता की दुकान पर काम करना शुरू कर दियाउन्होंने साल 2015 में यूपीएससी की तैयारी शुरू की, लेकिन पहले प्रयास में कामयाब नहीं हो सके

Source: Instagram

ल 2016 में शुभम गुप्ता ने दूसरी बार यूपीएससी की परीक्षा दी और प्रीलिम्स, मेंस और इंटरव्यू क्लियर कर 366वीं रैंक हासिल की। इसके बाद उनका चयन भारतीय लेखा परीक्षा एवं लेखा सेवा में हो गया इसके बाद भीशुभम गुप्ता ने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी जारी रखी साल 2018 में उन्होंने चौथी बार प्रयास किया और ऑल इंडिया रैंक 6 हासिल की। ​​इसके बाद शुभम को महाराष्ट्र कैडर मिला।

Advertisement