हिमाचल के पहाड़ों में पाया जाता है बेशकीमती कीड़ा, 1 किलो की कीमत है 10 लाख रूपये

देशी दवाईयों में पहाड़ी इलाकों पर पाए जाने वाली जड़ी बूटियों का इस्तेमाल किया जाता है, इन जड़ी बूटियों को खोजने के लिए वैज्ञानिक कई महीनों तक कड़ा परिश्रम करते हैं तब जाकर ये जडीबुटी मिल पाती हैं.

इन जड़ी बूटियों में कुछ कीड़े भी होते हैं जिनका उपयोग दवाईयों के बनाने में किया जाता है आज हम एक ऐसे अनोखे कीड़े के बारे में बताने जा रहे हैं जिसका इस्तेमाल देशी दवाई बनाने के लिए किया जाता है और इसकी मार्किट में रेट भी सबसे ज्यादा होते है.

इमेज : सोशल मीडिया

ये कीड़ा भारत के हिमाचल में पाया जाता है भारत में इसे ‘कीड़ा जड़ी’ के नाम से जाना जाता है, नेपाल और चीन में इसे ‘यार्सागुम्बा’  और  तिब्बत में इसका नाम ‘यार्सागन्बू’ है। जबकि वैज्ञानिक नाम ओफियोकोर्डिसेप्स साइनेसिस है इसे ‘हिमालयन वियाग्रा’ भी कहते हैं

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यह कीड़ा बेहद खास और दुर्लभ होता है इसका इस्तेमाल ताकत बढ़ाने की दवाओं, फेफड़े के इलाज के दौरान किया जाता है.

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ये कीड़ा इतना महँगा है की महज एक कीड़ा लगभग 1000 रुपये का मिलता है। वहीं अगर किलो के हिसाब से देखें तो नेपाल में यह 10 लाख रुपये प्रति किलो तक बिकता है।

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भारत में इसका इसका व्यापार अवैध है

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नेपाल में तो लोग इन कीड़ों को इकट्ठा करने के लिए पहाड़ों पर ही टेंट लगा लेते हैं और कई दिनों तक वहीं पर रहते हैं।

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