वीरेंद्र सहवाग को मुल्तान का सुल्तान क्यों कहते हैं? और नजफगढ़ का नवाब कौन है?, क्या आप जानते हैं इन्हें

भारतीय क्रिकेट टीम में विस्फोटक बल्लेबाज के लिए पहचाने जाने वाले दिल्ली के नजफगढ़ के नवाब वीरेंद्र सहवाग ने पाकिस्तान के खिलाफ ऐसा कारनाम किया था, जिसे आज भी याद किया जाता है. लगभग 14 साल पहले पाकिस्तान के मुल्तान शहर में हुए टेस्ट मैच में वीरेंद्र सहवाग ने तीहरा शतक जड़ा था.

इस तीहरे शतक के बाद नजफगढ़ के वीरेंद्र सहवाग को मुल्तान का सुल्तान भी कहा जाने लगा. पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए टेस्ट मैच में 28 मार्च 2004 को वीरेंद्र सहवाग ने अजीबोगरीब कारनामा करके दिखाया जो उनसे पहले कोई भी भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी नहीं कर सका.

सहवाग तिहरा शतक जड़ने वाले पहले भारतीय बने थे. उनसे पहले सिर्फ एकमात्र भारतीय खिलाड़ी जिसने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 281 रन बनाए थे, वह वीवीएस लक्ष्मण थे. बता दें कि पाकिस्तान के मुल्तान शहर में हुए टेस्ट मैच में भी सहवाग की धुएंदार पारी देखने को मिली और उन्होंने सिर्फ 375 बॉल में 309 रन बना डाले. सहवाग की इस शतकीय पारी में 6 छक्के और 39 चौके शामिल थे और स्ट्राइक रेट 82 से ज्यादा का था. उन्होंने क्रीज पर 531 मिनट बल्लेबाजी की. यह मैच भारत ने एक पारी और 52 रनों से जीता था और एक ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वीरेंद्र सहवाग किसी राजघराने से ताल्लुक नहीं रखते। दिल्ली के नजफगढ़ के रहने वाले वीरेंद्र सहवाग को लोग प्यार से नजफगढ़ का नवाब और मुल्तान का सुल्तान कहते हैं।

अपने प्रदर्शन से इन्होने हर देश पर वार किया लेकिन एक मैच ने इन्हें मुल्तान के सुल्तान के नाम से मशहूर कर दिया। वो टेस्ट 28-01 मार्च, 2004 में पाकिस्तान के खिलाफ खेला गया जिसमें सहवाग ने तीहरा शतक लगाकर सभी को हैरान कर दिया। उस वक्त सहवाग ने 375 गेंद पर 309 रन बनाए और मुल्तान के सुल्तान कहलाने लगे।

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