दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को निशाने लिया तो भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता मुन्ना सिंह चौहान भी खुद को नहीं रोक पाए। चौहान ने आम आदमी पार्टी के नेताओं पर जवाबी हमला बोला। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेता इस लायक नहीं है कि उनकी बातों का जवाब दिया जाए।


सिसोदिया शासकीय प्रवक्ता व वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक से विकास के एजेंडे पर बहस करने पहुंचे थे। उन्होंने बहस के लिए मंच भी सजा दिया था। लेकिन कौशिक ने इसे टूरिस्ट पॉलिटिक्स करार देकर सिसोदिया के चैलेंज को नजर अंदाज कर दिया।

सिसोदिया ने कौशिक के साथ ही मुख्यमंत्री को भी टारगेट किया। हर बार की तरह इस बार भी प्रदेश भाजपा के मुख्य प्रवक्ता मुन्ना सिंह चौहान सरकार और सीएम के समर्थन में डटकर सामने आ गए। उन्होंने आप नेताओं पर पलटवार किया।

 

चौहान ने कहा कि आम आदमी पार्टी का उत्तराखंड में न कोई वजूद है न ही उनके नेता इस लायक हैं कि उनकी किसी बात का जवाब दिया जा सके। उनकी गैरजिम्मेदार हरकत उत्तराखंड की राजनीति के फ्रेम में अपने को फिट करने के प्रयास तक सीमित है। यदि आम आदमी पार्टी के नेता यहां आकर पहाड़ की चोटियों को देख भी लें तो आप की टोपी जमीन पर ही गिर जाएगी। आप के नेता उत्तराखंड में भाजपा को चुनौती देने का ख्वाब न देखेें।

जीवनवाला स्कूल में चल रहा मरम्मत कार्य
मुख्यमंत्री के निर्वाचन क्षेत्र के जीवनवाला प्राथमिक विद्यालय को लेकर भी भाजपा के मुख्य प्रवक्ता ने सिसोदिया पर निशाना साधा। इस स्कूल को देखने के बाद सिसोदिया ने राज्य सरकार के स्कूलों की दुर्दशा पर सवाल उठाए हैं। सिसोदिया जिस स्कूल को देखने के गए, उसके भवन की मरम्मत के लिए सितंबर 2020 में पहली किस्त के रूप में 4.15 लाख रुपये जारी हो चुके हैं। जिस पर मरम्मत का कार्य किया जाएगा। इस विद्यालय के आसपास यूकेलिप्टस के पेड़ थे। इन पेड़ों की वजह से छात्र-छात्राओं को खतरा था। स्कूल के आसपास के पेड़ों के कटान के लिए वन विभाग को प्रस्ताव भेजा गया था, उनकी अनुमति के बाद पेड़ों का कटान का कार्य चल रहा है। कोविड के कारण आजकल स्कूल नहीं खुल रहे हैं।

सैर सपाटे की राजनीतिक करने वालों के लिए समय नहीं
चौहान ने कहा कि आप के नेता उत्तराखंड केवल सैर सपाटे के लिए आए हैं। उत्तराखंड सरकार के मंत्रियों और भाजपा नेताओं के पास ऐसे नेताओं के लिए समय नहीं है। न हीं उनकी किसी बात को वह गंभीरता से लेते हैं।

राजनीति का चश्मा उतारकर देखें सिसोदिया
चौहान ने सिसोदिया को सलाह दी कि वह राजनीति के चश्मे को उतारकर देखें। जीवनवाला के जिस प्राइमरी स्कूल में वह गए, उससे सटे पूर्व माध्यमिक स्कूल (जूनियर हाईस्कूल) की स्थिति दिल्ली के सरकारी स्कूलों से बेहतर है, लेकिन उन्हें वह स्कूल नहीं दिखा। सिसोदिया कहते फिर रहे हैं कि दिल्ली के सरकारी स्कूल निजी स्कूलों से बेहतर हैं। वे अपना ज्ञानवर्द्धन कर लें। उत्तराखंड के बच्चे सरकारी स्कूलों से निकलकर फौज में अफसर बने हैं। आईएएस, आईपीएस, आईआईटी, मेडिकल और अनेक प्रतिष्ठित परीक्षाओं में शामिल होकर सफलता पा रहे हैं। बड़े ओहदों पर देश की सेवा कर रहे हैं। इसलिए वे उत्तराखंड आकर अपनी अराजकता और अज्ञानता की ब्राडकास्टिंग न करें।

राज्य सरकार की उपलब्धियां गिनाईं
चौहान ने राज्य सरकार की उपलब्धियां भी गिना डालीं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के करीब पौने चार साल के कार्यकाल में सुशासन, पारदर्शिता, वित्तीय अनुशासन, भ्रष्टाचार पर अंकुश, रिवर्स माइग्रेशन, चिकित्सा, टेली चिकित्सा, वर्चुअल क्लासेज, नए पर्यटन स्थलों के विकास और कोविड-19 मैनेजमेंट के साथ ही ढांचागत विकास और लोगों की मूलभूत सुविधाओं को लेकर अनेक कार्य हुए हैं।

 

Journalist from Uttar Pradesh. At @News Desk he report, write, view and review Crcicket News. Can be reached at [email protected] with Subject line starting Umesh

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