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शहीद भाई पृथ्वी को याद करके छलका बहन का दर्द, बोलीं- 31 साल बाद ‘रक्षाबंधन’ पर आया था घर

आगरा निवासी विंग कमांडर पृथ्वी सिंह चौहान भी इस दुखद हादसे में शहीद हो गए हैं. शहीद पृथ्‍वी सिंह चौहान के बारे में बताते हुए बड़ी बहन मीना सिंह कहती हैं कि 31 साल बाद रक्षाबंधन पर बहनों को राखी बांधने के लिए घर आया था

पृथ्‍वी ने छठवीं कक्षा में सैनिक स्‍कूल रीवा में दाखिला लिया. वहीं से एनडीए में सलेक्‍ट हो गए थे. 2000 में भारतीय वायुसेना में ज्‍वाइनिंग हुई. वर्तमान में विंग कमांडर थे और कोयम्‍बटूर के पास एयरफोर्स स्‍टेशन पर तैनाती थी. पृथ्‍वी का विवाह सन 2007 में वृंदावन निवासी कामिनी से हुआ था. उनके बेटी आराध्‍या 12 वर्ष और अविराज नौ वर्ष का पुत्र है.

विंग कमांडर पृथ्‍वी सिंह चौहान एयरफोर्स ज्‍वाइन करने के बाद पृथ्‍वी की पहली पोस्टिंग हैदराबाद हुई थी. इसके बाद वे गोरखपुर, गुवाहाटी, ऊधमसिंह नगर, जामनगर, अंडमान निकोबार सहित अन्‍य एयरफोर्स स्‍टेशन्‍स पर तैनात रहे. उन्‍हें एक वर्ष की विशेष ट्रेनिंग के लिए सूडान भी भेजा गया था. विंग कमांडर पृथ्वी सिंह चौहान के शहीद होने की खबर मिलते ही पूरे शहर में शोक की लहर दौड़ पड़ी. बड़ी संख्या में लोग उनके आवास पर एकत्र हो गए हैं. बता दें कि तमिलनाडु के कुन्नूर में क्रैश हुए हेलिकॉप्टर में सीडीएस बिपिन रावत और उनकी पत्नी समेत 13 सैन्य अधिकारियों की मौत हो गई है.

शहीद पृथ्‍वी सिंह चौहान के बारे में बताते हुए बड़ी बहन मीना सिंह कहती हैं कि 31 साल बाद रक्षाबंधन पर बहनों को राखी बांधने के लिए घर आया था. दोपहर में जब हेलीकॉप्‍टर क्रेश होने की खबर आई तो उन्होंने अपने भाई पृथ्‍वी को फोन किया. उनका फोन स्विच ऑफ जा रहा था. इस पर भाभी कामिनी को संपर्क साधा, कामिनी ने इस दुखद हादसे की जानकारी दी. उन्‍होंने कहा कि पृथ्‍वी वर्तमान में 42 साल के थे और चार बहनों में सबसे छोटे भाई थे. बड़ी बहन शकुंतला, दूसरी मीना, गीता और नीता है.

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