भारत को मिला हार्दिक को टक्कर देने वाला ऑलराउंडर

भारत को मिला हार्दिक को टक्कर देने वाला ऑलराउंडर, 140 की स्पीड से करता है गेंदबाजी और खेलता है तूफानी पारी

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भारतीय क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या पिछले काफी समय से अच्छी प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं जिस वजह से फैंस उनके ऊपर तरह-तरह के प्रश्न खड़े कर रहे हैं। वहीं आज कल हार्दिक चोटिल भी कुछ ज्यादा रहते हैं जिस वजह से वो गेंदबाजी नहीं कर पा रहे हैं। ऐसी स्थिति में टीम इंडिया को हार्दिक का कोई अन्य विकल्प चाहिए, लेकिन अब भारत को एक ऐसा खिलाड़ी मिल गया है जो आने वाले समय में हार्दिक की जगह टीम इंडिया में खेलते हुए दिखाई दे सकता है।

हम जिस खिलाड़ी के बारे में बात करने जा रहे हैं उसका नाम राजवर्धन हंगरगेकर है जिसकी उम्र मात्र 19 वर्ष है। राजवर्धन इन दिनों भारतीय टीम की तरफ से अंडर-19 एशिया कप में खेल रहा है और शुरू के दो मुकाबलों में उन्होंने गेंदबाजी तथा बल्लेबाजी दोनों से बेहतरीन प्रदर्शन किया है। जिस वजह से अब क्रिकेट फैंस को लगने लगा है कि भविष्य में राजवर्धन हंगरगेकर हार्दिक की जगह टीम इंडिया में खेलते नजर आ सकते हैं।

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अंडर-19 एशिया कप के दोनों मैचों में किया कमाल

अंडर-19 एशिया कप 2021 में भारत का पहला मुकाबला 23 दिसंबर को यूनाइटेड अरब अमीरात के बीच खेला गया था, जिसमे राजवर्धन हंगरगेकर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 23 गेंदों पर 48 रनों की नाबाद पारी खेली थी। उस तूफानी पारी के दौरान उन्होंने 6 चौके और दो गगनचुंबी छक्के लगाए थे। फिर गेंदबाजी करते हुए राजवर्धन ने 9 ओवर में 24 रन देकर तीन महत्वपूर्ण विकेट चटकाया था।

इस अंडर-19 एशिया कप में भारत का दूसरा मुकाबला 25 दिसंबर को पाकिस्तान के विरुद्ध खेला गया, जिसमे राजवर्धन हंगरगेकर एक बार फिर से गेंद और बल्ले दोनों से कमाल का प्रदर्शन किया। हंगरगेकर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 गेंदों पर 5 चौके और एक छक्के की मदद से 33 रनों की तूफानी पारी खेली है। उसके बाद गेंदबाजी करते हुए उन्होंने 10 ओवर में दो मेडन रखते हुए 49 रन देकर एक महत्वपूर्ण विकेट चटकाया है।

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राजवर्धन हंगरगेकर 140 की स्पीड से करता है गेंदबाजी

अंडर-19 एशिया कप से पहले एक इंटरव्यू के दौरान राजवर्धन ने कहा था कि मैं एक समय गेंदबाजी तो अच्छी गति से करता था, लेकिन उसमे एक्यूरेसी बिल्कुल नहीं थी। क्योंकि मैं उस समय ज्यादा आक्रामकता से तेज गेंदबाजी करने का प्रयास कर रहा था। उसके बाद मेरे कोच मोहन सर ने मेरी उस समस्या से छुटकारा दिलवाया। इस समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए मोहन सर ने मेरे रनअप पर काम किया, फिर मैं एक्यूरेसी के साथ 140 की रफ़्तार से गेंद फेंकने लगा।

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