टी-20 वर्ल्ड कप 2022 के लिए टीम इंडिया का ऐलान हो गया है। रोहित शर्मा की कप्तानी में भारत ने ऑस्ट्रेलिया में खेले जाने वाले वर्ल्ड कप के लिए कई चौंकाने वाले फैसले किए।  इन 3 खिलाड़ियों को ना चुनकर शायद चनयकर्ताओं से बड़ी भूल हो गई है

99 % प्रतिशत लोग नहीं जानते क्रिकेट में खिलाड़ियों के चयन में कहा होती है बेईमानी जिसका बाप सेलेक्टर है वो बनता है कलेक्टर आइपीएल के इशारे पर होता है चयन,  गांगुली या फिर रोहित की नहीं उसकी चलती है उसकी चलती है जिसका पैसा बोलता है सबकी किस्मत ऋषभ पंत की तरह बलवान नहीं होती, ये हैं प्रवीण तांबे बारह साल की उम्र से क्रिकेट खेला पांच बार वर्ल्ड कप के लिए नाम भेजा गया पर बूढ़ा कहकर सलेक्शन नहीं हुआ

आइपीएल में राजस्थान की टीम ने उन्हें एक मैच खेलने का मौका दिया प्रवीण तांबे की पहचान इतनी है कि जीस खिलाड़ी ने अट्ठाईस साल  तक टीम सेलेक्शन के लिए जी तोड़ मेहनत की उसने आईपीएल में आते ही पहली तीन गेंद में हैट्रिक लेकर रिकॉर्ड बनादिया प्रवीण तांबे पर इस फ़िल्म बनी जिसकी कहानी देखकर आप भावुक हो जाएंगी

प्रवीण तांबे कुंबले हरभजन सिंह की तरह महान बन सकते थे लेकिन किस्मत साथ नहीं थी हालांकि ये कहानी अकेले प्रवीण तांबे की नहीं इस कहानी का पहला अध्याय दिनेश कार्तिक का है संजू सैमसंग का है पृथ्वी शाखा है नितीश राणा का है या फिर उन खिलाड़ियों का जो प्रतिभा में तो ध्वनि

लेकिन बीसीसीआइ को मैनेज करने की ताकत उनके पास नहीं है हम आपको चौंका देने वाली रिपोर्ट दिखाते हैं भारतीय टीम के चयन का सबसे बड़ा मानक रणजी मुकाबला माना जाता है लेकिन आईपीएल आने के बाद से आइपीएल से ही तय होता है कौन खेलेगा कौन नहीं मुंबई इंडियन्स के खिलाड़ियों कुछ ज्यादा मौका मिलता है कहते है इंडिया में जाकर खेलना है तो पहले आइपीएल में मुंबई की टीम से खेलना होगा दुर्भाग्य देखिये

सुरेश रैना को आईपीएल में कोई खरीदार ही नहीं मिला जबकि सचिन के बेटे अर्जुन को मुंबई इंडियन्स ने खरीद लिया था रैना नहीं रोड सेफ्टी मैच में रिटायरमेंट लेने के बाद भी ताबड़तोड़ पारी खेली लेकिन उन्हें ही टीम से बाहर कर दिया गया था रणजी मेंशानदार खेलने वाले खिलाड़ियों को कोई पूछने वाला ही नहीं है जिसका ग्लैमर से ज्यादा है

वहीं चुना जा रहा है जो गलत है रोजा बिन्नी के चयनकर्ता रहते हुए इस साल दो हज़ार चौदह में उनके बेटे स्टुअर्ट बिन्नी को टीम इंडिया के लिए चुना गया था भारतीय टीम के चयन के लिए पांच पूर्व खिलाड़ियों की टीम बनती है जो अलग अलग क्षेत्र की होती है वहीं टीम इंडिया का चुनाव करती है कहा जाता है कि नियम के मुताबिक इस बैठक में बीसीसीआइ का चेयरमैन नहीं होता लेकिन सौरव गांगुली बैठक में हिस्सा लेते सौरभ गांगुली के आने के बाद राज्य और बीसीसीआई में तालमेल ठीक नहीं है

सारा कंट्रोल कुछ अधिकारियों के पास से इसीलिए आप भूल जाएं इस दौर में कोई धोनी जैसा प्रतिभा का धनी खिलाड़ी आपको खेलते हुए दिख जाएगा संजू सैमसन के साथ भी ठीक यही हुआ उनका रिकॉर्ड अच्छा है खेल अच्छा है फील्डिंग भी अच्छी है लेकिन वो गांगुली की पसंद नहीं बन पाए ये हैं वसीम जाफर रणजी में चालीस शतक लगा चुकी बारह हज़ार से ज्यादा रन बनाए लेकिन टीम इंडिया में उन्हें सिर्फ तीस मैच खेलने का मौका मिला वसीम जाफर को मौका तो मिला लेकिन उस दौर में जब टीम इंडिया सबसे ज्यादा संघर्ष कर रही थी ऐसे ही कई खिलाड़ी हैं जिनका घरेलू क्रिकेट में रिकॉर्ड शानदार है दिनेश कार्तिक

जैसे खिलाड़ियों के साथ जो हुआ वो सबने देखा सैंतीस साल की उम्र में टीम में चयन हुआ तो बाहर बैठाया जाता है क्या गांगुली जिसे पसंद करते हैं वही खेलता है कहा ये थक जाता है की आईपीएल टीम में मालिको का दबाव भी बीसीसीआइ पर होता है उनसे कहा जाता है कि एक खिलाड़ी तो हमारे टीम से लेना नहीं तो अगली

बार कमाई कम होगी खैर ये दावे कितने सच्चे है पता नहीं लेकिन भारत में क्रिकेट के साथ न्याय नहीं हो रहा श्रेयस अय्यर जैसे खिलाड़ी किसी दूसरी टीम के पास होती है तो उन्हें किसी मैच में ही बाहर नहीं बैठा जाता पर भारत में उन्हें जल्दी मौका ही नहीं मिलता यश भूल नाम का एक लड़का घरेलू क्रिकेट में तूफान ला चुका है लगातार चार शतक बना चुका है अंडरनाइनटीन विश्व कप में जीत हासिल कर चुका है लेकिन उम्मीद नहीं है कि टीम इंडिया में जगहमिलेगी क्योंकि यहाँ खेल से ज्यादा जरूरी है

 

Journalist from Gurugram. At @News Desk she report, write, view and review hyperlocal buzz of Delhi NCR. Can be reached at hello@newsdesk-24.com with Subject line starting Meenakshi

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