भारत के उत्तर-पूर्वी इलाके में बढ़ एक बहुत बड़ी समस्या है। हर साल यहाँ लाखो लोग बाढ़ से प्रभावित होते है। जिसमे वो अपनी फसल से लेकर घरबार आदि खो देते है। और कई लोगो की जान भी चली जाती है। इसके अलावा बाढ़ से प्रभावित होने के बाद लोगो को आवागमन में बहुत सी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। क्योकि बाढ़ के पानी से जलमगन हुए इलाको में लोगो के अपने काम काज पर आने जाने, विद्यार्थियों को स्कूल आदि आने जाने में बहुत समस्या होती है।

इन्ही सभी दिक्कतों को देखते हुए बिहार के ही रहने वाले एक बुजुर्ग ने जुगाड़ करके पानी पर चलाने वाली साइकिल बनाई है। जोकि इन दिनों काफी चर्चा में है। क्योकि इन्होने अपने इस आविष्कार से ना केवल नया इतिहास रचा है। बल्कि यहाँ के स्थानीय लोगो के जीवन को भी सरल बनने में इन्होने बहुत अहम योगदान किया है। बता दे की पानी पर चलाने वाली इस अनोखी साइकिल का आविष्कर बिहार राज्य के रहने वाले 61 वर्षीय बुजुर्ग ने किया है। जिनका नाम मोहम्मद सैदुल्लाह है।

मोहम्मद सैदुल्लाह 10 वीं पास है। और इन्हें इनके इस अनोखे आविष्कर के लिए नेशनल ग्रासरूट इनोवेशन अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चूका है। मोहम्मद सैदुल्लाह को इस तरह के नए नए आविष्कार करने का जनून इस कद्र चढ़ा हुआ है की इन्होने इस चक्के में पानी लगभग 40 एकड़ की जमीन भी बेच दी है। वो हमेशा नए नए आविष्कार करते रहते है, और अपने स्थानीय लोगो के जीवन को सरल बनाने में अपनी अहम भूमिका निभाते है।

इसके लिए मोहम्मद सैदुल्लाह चाबी से चलने वाला टेबल फैन, चारा काटने की मशीन से मिनी वाटर पंप, पानी पर चलाने वाली साइकिल आदि का आविष्कार कर चुके है। कहते है की मोहम्मद सैदुल्लाह को पानी पर चलने वाली साइकिल का आईडिया अब से लगभग 45 साल पहले आया था। तब इन्होने 3 दिन के अंदर करीब 6000 रूपये खर्च करके इस साइकिल को बनाया था। इस साइकिल में रेक्टंगुलर एयर फ्लोट सिस्टम लगाया गया था। जिससे साइकिल तैर सकती थी।

बता दे की पानी पर तैरने वाली साइकिल के आविष्कारक मोहम्मद सैदुल्लाह बिहार के चंपारण गाँव में रहते है। और पिंचर लगाने का आम भी करते है। और इससे जो इन्हें आमदनी होती है, उससे नये नए आविष्कार करते रहते है। इनके इस काम में इनकी बेटी भी इनका सपोर्ट करती है। वही, मजेदार बात ये भी है की मोहम्मद सैदुल्लाह जो भी आविष्कार करते है उसका नाम अपनी पत्नी के नाम पर रखते है।

इनकी पत्नी का नाम नूर जहां है, इन्होने साल 1960 में शादी की थी। अब क्योकि मोहम्मद सैदुल्लाह अपनी पत्नी से बहुत प्रेम करते है। इस वजह से वो अपने आविष्कारो के नाम पत्नी के नाम पर रखते है। जैसे- नूर मिनी वाटर पंप, नूर साइकिल, नूर इलेक्ट्रिक पॉवर हाउस आदि।

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