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भारतीय क्रिकेट टीम के सफलतम कप्तान और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष सौरव गांगुली का आज जन्मदिन है, आज वो पुरे 50 साल के हो गये है. ये बात सब जानते है की सौरव गांगुली का क्रिकेट कैरियर काफी शानदार रहा है, इन्होने अपनी कप्तानी में भारतीय क्रिकेट टीम को कई अहम मैच और सीरीज जीताई है. इतना ही नहीं इनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने जो सफलता हासिल की वो शायद किसी और कप्तान की कप्तानी में नहीं की है.

आपने सौरव गांगुली की सफलता की कई कहानियाँ सुनी होंगी. लेकिन आज उनके जन्मदिन के मौके पर हम आपको उनकी क्रिकेट लाइफ से जुड़े उन 4 विवादों के बारे में बताने वाले है, जोकि आज भी चर्चा का विषय रहते है. तो चलिए जानते है.

1.टॉस के समय पहुचते थे लेट:-

साल 2000-2001 के समय ऑस्ट्रेलिया के कप्तान स्टीव वा उनक कप्तानो में शुमार थे जो मैदान के बहार और अंदर भी खुलकर बोलने के लिए जाने थे. इन्होने अपनी किताब में गांगुली के बारे में बात करते हुए लिखा की वो हमेशा टॉस के लिए देरी से आते थे. उस समय एक सीरीज में गांगुली टॉस के लिए 7 बार देरी से आये थे. वही, आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स में जब टीम के कप्तान शेन वार्न हुआ करते थे तब एक मैच में गांगुली काफी देरी से आये थे और तब शेन वार्न गांगुली से लेट आने की बात को लेकर भीड़ गये थे.

2.ग्रेग चैपल- गांगुली विवाद:-

जी हां, भारतीय क्रिकेट के इतिहास में ये विवाद भी काफी यादगार है. और आज भी इसकी चर्चा सुनने को मिल जाती है.एक समय भारतीय क्रिकेट टीम के हैड कोच ग्रेग चैपल हुआ करते थे तब टीम के कप्तान सौरव गांगुली. इस दौरान इन दोनों के बीच एक ऐसा विवाद हुआ था जिससे टीम दो भागो में बाँट गई थी. साल 2005 के आसपास चैपल और गांगुली के बीच विवाद इतना बढ़ गया था की चैपल के कहने पर गांगुली से कप्तानी छीन लि गई थी और जबकि खुद ग्रेग चैपल, गांगुली की सिफारिश पर टीम के कोच बनाये गये थे. इसके बाद जब साल 2007 में टीम के कप्तान राहुल द्रविड़ बने तब इनकी टीम में वापसी हुई थी.

3. राहुल द्रविड़-गांगुली विवाद:-

दरअसल, जब ग्रेग चैपल के कहने पर गांगुली की कप्तानी छीन ली गई और राहुल द्रविड़ को कप्तान बनाया गया तब गांगुली को लगता था की द्रविड़ कप्तान होते हुए भी चुप क्यों रहते है. तब साल 2011 में एक इंटरव्यू के दौरान गांगुली ने राहुल द्रविड़ का घेराव करते हुए कहा की, द्रविड़ चाहते है की हर चीज ठीक चलती रहे, हालाँकि वो जानते थे की कई चीजे गलत है, इसके बावजूद भी वो कप्तान होते हुए चुप क्यों रहे.उनमे इतनी हिम्मत नहीं थी की वो गलत को गलत कह सके.

इसके बाद राहुल द्रविड़ ने भी इसका जवाब दियाऔर कहा की वो अपनी बात रखने के लिए स्वतंत्र है, उन्होंने कई साल क्रिकेट खेली है लेकिन वो अपनी बात मुझसे नहीं कहलवा सकते, इस मामले में मेरी उनसे कोई बात नहीं हुई है.

4.लार्ड्स में निकाली टी शर्त:-

ये बात साल 2002 की है, तब नेटवेस्ट सीरीज का फाइनल इंग्लैंड और भारत के बीच इंग्लैंड में ही खेला जा रहा था. इसमें भारत का जीतना काफी मुश्किल लग रहा था, लेकिन आखिरकार भारत मैच जीता तो गांगुली ने जश्न मानाने के लिए अपनी टी शर्ट निकाल दी. इस समय टीम के अभी खिलाडियों ने ये प्लान बनाया था की सभी खिलाडी टी शर्ट निकालेंगे लेकिन राहुल द्रविड़ ने सभी को रोक दिया था लेकिन गांगुली को नहीं रोक पाए थे.

Kuldeep Kumar

Journalist from Moradabad. At @News Desk he report, write, view and review Crcicket News. Can be reached at [email protected] with Subject line starting Kuldeep

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