कहते है की क्रिकेट का खेल टीमवर्क पर आधारित होता है. यदि किसी टीम के सभी ख़िलाड़ी एक प्लानिंग के तहत बेहतरीन प्रदर्शन करते है तो निश्चित ही वो टीम मैच जीतती है. लेकिन इसके लिए एक अच्छे लीडर की भी बेहद जरूरत होती है. और अच्छा लीडर बनने की काबिलियत हर किसी में नहीं होती. विश्व क्रिकेट के इतिहास में ऐसे कई महान ख़िलाड़ी हुए है जिन्होंने अपने बल्ले और गेंद से क्रिकेट में खूब तबाही मचाई. लेकिन एक लीडर के रूप, एक कप्तान के रूप वो फ्लॉप साबित हुए. आज हम आपको ऐसे ही 5 महान खिलाडियों के बारे में बताने वाले है. जिन्हें एक बेहतरीन कप्तान ना बनाने का दर्द हमेशा चुभता होगा.

1.सचिन तेंदुलकर:-

जी हां, इस लिस्ट में सबसे पहला नाम लिटल मास्टर सचिन तेंदुलकर का आता है. जिन्हें आप क्रिकेट के भगवान नाम से भी जानते है. यु तो इन्होने अपने बल्ले और गेंद से भी दुनिया के हर क्रिकेट ग्राउंड पर जमकर तबाही मचाई और ढेरों रिकॉर्ड अपने नाम किये. जिन्हें तोड़ पाना आज भी किसी खिलाडी के लिए इतना आसान नहीं है. लेकिन एक कप्तान के रूप में ये मास्टर साबित नहीं हो पाए. इनकी कप्तानी में टीम इण्डिया ने 25 टेस्ट मैच खेले जिनमे से केवल 4 जीते. वही, 73 वनडे मैच में से कुल 23 मैच जीते.

2.क्रिस गेल:-

विश्व क्रिकेट के इतिहास में क्रिस गेल ने भी अपने बल्ले से जमकर तबाही मचाई. इन्होने कई बार अपने बल्ले से गेंद को स्टेडियम के बाहर तक पहुँचाया. लेकिन एक कप्तान के रूप में ये भी फ्लॉप हुए. बता दे की इनकी कप्तानी में वेस्टइंडीज ने 53 मैच खेले थे जिनमे से इन्हें केवल 17 मैच में जीत मिली थी. ऐसे में आप खुद ही अंदाजा लगा सकते है की इनकी कप्तानी का रिकॉर्ड कितना ख़राब रहा.

3.ब्रायन लारा:-

ब्रायन लारा भी वेस्टइंडीज के महान खिलाडियों में से एक हुए है. इन्होने भी अपने बल्ले से तमाम अनोखे रिकॉर्ड कायम किये. लेकिन एक कप्तान के रूप में टीम के लिए फ्लॉप हुए. इनकी कप्तानी में वेस्टइंडीज टीम ने 47 टेस्ट मैच खेले जिनमे से इन्हें केवल 10 मैचों में जीत मिली. हालंकि इस दौरान इन्होने इन सभी मैचों में अपने बल्ले का वही रुतबा दिखाया लेकिन टीम ये बेस्ट निकलवाने में सफल नहीं हो पाए.

4.एंड्रयू फ्लिंटॉफ:-

एंड्रयू फ्लिंटॉफ इंग्लैंड क्रिकेट टीम के सबसे महान खिलाडियों में से एक हुए है. कहा जाता है इन्होने 21 वीं शदी की शुरुआत में दुनिया का सर्वश्रेष्ठ आलराउंडर चुना गया था. जब ये खेलते थे तो तो ऐसा लगता था की ये दो खिलाडियों का काम अकेले ही कर रहे हो. लेकिन जब बात इनकी कप्तानी की आती है तो ये सबसे ख़राब कप्तान साबित हुए. इनकी कप्तानी में इंग्लैंड टीम ने 11 टेस्ट मैच खेले थे जिनमे से इन्हें 7 में हार मिली थी. 2 मैच ड्रा हुए तो केवल 2 में जीत मिल सकी थी.

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