परचून की दुकान खोलकर पिता ने बेटे को बनाया क्रिकेटर, U-19 WC में सिद्धार्थ का सपना हुआ पूरा, वर्ल्ड कप में धमाका करेगा गाजियाबाद का लाल

अंडर-19 वर्ल्ड कप के लिए टीम इंडिया का ऐलान कर दिया गया है.जिसके लिए उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित कोटगांव में परचून की दुकान चलाने वाले एक साधारण दुकानदार के बेटे को चुन लिया गया है,जिसके बाद से ही गाजियाबाद के दुकानदार श्रवण यादव के बेटे सिद्धार्थ यादव की खूब चर्चा हो रही, वेस्टइंडीज में अगले महीने से अंडर-19 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट खेला जाएगा.

गाजियाबाद के कोटगांव में सिद्धार्थ के पिता एक प्रोविजन स्टोर चलाते हैं और अब अपने परिवार के ख्वाब को आगे बढ़ाते हुए सिद्धार्थ संयुक्त अरब अमीरात में एशिया कप और फिर वेस्टइंडीज में अंडर-19 वर्ल्ड कप में खेलते हुए दिखाई देंगे। इस दौरान श्रवण यादव ने अपनी इच्छा जाहिर करते हुए बताया है कि उनका सपना हमेशा यही था कि बेटा एक क्रिकेटर बने।

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार श्रवण बचपन से ही भारतीय टीम के लिए खेलना चाहते थे, लेकिन क्रिकेट में वो एक नेट बॉलर बन कर रह गए. इसके बाद उन्होंने अपने बेटे को क्रिकेटर बनाने की ठानी. श्रवण ने क्रिकेट छोड़ किराने की दुकान खोली और अपने बेटे को क्रिकेटर बनाने के लिए संघर्ष शुरू किया. सिद्धार्थ यादव के पिता श्रवण यादव गाजियाबाद के कोटगांव में एक प्रोविजन स्टोर चलाते हैं. सिद्धार्थ के पिता श्रवण यादव भी एक क्रिकेटर बनना चाहते थे, लेकिन टीम के नेट बॉलर से आगे नहीं बढ़ पाए. अब उनका बेटा सिद्धार्थ यादव अपने पिता के सपने को पूरा करेगा.

उनके पिता ने यह निश्चित कर लिया था कि बेटा बाएं हाथ का बल्लेबाज ही बनेगा। इसके बाद पिता के सपने को पूरा करने के लिए मेहनत की बारी सिद्धार्थ की थी जो उन्होंने बखूबी की और उसका फल मिलने जा रहा है। सिद्धार्थ यादव आगामी एशिया कप के लिए भी भारत की अंडर-19 टीम का हिस्सा हैं. इसके बाद जनवरी में अंडर-19 वर्ल्ड कप होगा. सिद्धार्थ यादव के पिता श्रवण यादव बेटे के सेलेक्शन के बाद उत्साहित हैं,

नके बड़े होने पर प्रैक्टिस सबसे बड़ी चुनौती थी. इसके लिए श्रवण रोज दोपहर दो बजे से शाम छह बजे तक अपनी दुकान बंद कर देते थे और बेटे को प्रैक्टिस कराने ले जाते थे.

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