रोज 40 किमी चलाना ना पड़े बाइक इसलिए घंटों मैदान में रूक करता था प्रैक्टिस, आज अंडर-19 में सेलेक्ट होकर खुद को बताया खुशकिस्मत

वो कहते हैं ना अगर किसी चीज को आप दिल से चाहो तो पूरी कायनात उसे आपसे मिलाने की कोशिश करता है कुछ ऐसा ही हुआ वासु वत्स के साथ, तस्वीर में दिख रहे 19 वर्षीय वासु वत्स उत्तर प्रदेश सहारनपुर के छोटे से गांव बेरखेड़ी का रहना वाला है। जानकारी के लिए आपको बता दें कि वासु का चयन अगले साल 14 जनवरी से 5 फरवरी तक वेस्टइंडीज में होने वाले अंडर-19 विश्व कप प्रतियोगिता के लिए भारतीय टीम में हुआ है।

कद में 6.2 इंच लंबे वासु दायें हाथ के तेज गेंदबाज हैं। ये 135 से 140 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करते हैं। बहुत पहले देखा हुआ सपना आज वासु के लिए पूरा हो चुका है। वासु का सपना था की वह एक दिन भारत की सीनियर टीम के लिए विश्व कप खेले लेकिन किसी पता था की वासु की मेहनत का फल उसे इतनी जल्दी मिल जाएगा।

वासु पढ़ाई लिखाई में कुछ खास अच्छे नहीं थे इसलिए उन्होंने खेल में अपना करियर बनाने का सोचा वासु सुबह अभ्यास मैच के लिए मैदान पहुंचते थे। 40 किमी अतिरिक्त बाइक नहीं चलानी पड़े इसलिए दोपहर में बहुत घंटों तक मैदान पर ही वे रूक जाते थे‌। फिर शाम को अभ्यास पूरा कर घर के लिए रवाना होते थे।

माता-पिता अध्यापक होने के बावजूद वासु ने अपने करियर को खेल के लिए चुना। घरवालों के सहयोग और अपनी मेहनत की वजह से आज वासु अपनी जगह अंडर-19 टीम में बना सका है। सेलेक्ट होने के बाद वासु वत्स का कहना है “अभी तक मुझे जितना अनुभव मिला है उसे दिखाने का समय आ चुका है। भारत के लिए विश्व कप खेलने और जीतने का मौका मिलना ये बहुत ही गर्व की बात है। ये एक बहुत ही बड़ा मंच है मैं यह विश्व कप जीतना चाहता हूं और फिर यहां से आगे ही बढ़ना चाहता हूं, नाकी पीछे मुड़कर देखना चाहता हूं

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