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बेटे की फीस भरने के लिए मां ने 14 साल तक दूसरों के घर सेंकी रोटियां, 22 साल की उम्र में IPS बनकर लौटा बेटा, गांव में मना जश्न

अगर कुछ करने का जज्बा हो तो मजबूत मेहनत, संघर्ष और दृढ़ इरादों के दम पर किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है. आज हम आपको एक ऐसी कहानी के बारे में बताने जा रहे हैं जिसको पढकर आप भी हैरान रह जायंगे ये कहानी है साफिन हसन की।जो मात्र 22 साल की उम्र में भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी (IPS Officer) बने, जिन्होंने 2017 यूपीएससी परीक्षा में 570 रैंक हासिल करके आपने माता -पिता और गाँव का नाम रोशन किया.

साफिन गुजरात के सूरत जिले के रहने वाले हैं। और उनकी माली हालत ठीक नही थी पिता एक छोटी सी नौकरी करते थे जिसमे घर का खर्चा बड़ी मुश्किल से चल पाता था.मंदी के चलते माता-पिता की नौकरी चली गई. अब घर वालो के सामने बड़ा संकट था उनके पिता ने घर चलाने और बच्चों को पढ़ाने के लिए  रात में ठेला लगाकर उबले अंडे और ब्लैक टी बेची।

हसन की मां नसीब बेन ने बेटे को 10वीं तक पढ़ाने के लिए 14 साल तक लोगों के घरों मे काम किया। दूसरी तरफ हसन की मां घर-घर जाकर रोटियां बनाने का काम करती थीं। न जाने कितने घंटे वे रोटियां ही बेलती रहती थीं। उनकी खराब आर्थिक स्थिति देख कर पालनपुर के स्कूल ने 11वीं और 12वीं की फीस माफ़ कर दी थी और निशुल्क शिक्षा प्रदान की थी.

लाल बत्ती देखकर जगी IPS बनने की ललक :

हसन ने सड़क से गुजरती लाल बत्ती की गाडी देखी तो उसके बारे में पता किया जब उन्हें पता चला की ये कलेक्टर है तो उन्होंने भी कलेक्टर बनने की ठानी, हसन ने गुजरात पीएससी परीक्षा 34वीं रैंक के साथ पास की थी। उन्हें जिला रजिस्ट्रार की नौकरी भी मिली, लेकिन उन्होंने कोशिश जारी रखी और आईपीएस बनकर ही दम लिया।

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